April 19, 2026

माशूका के लिए मिटा दी दोस्ती की हदें – कमरे में मिली लाश से खुली खौफनाक प्रेम-त्रिकोण की परतें

उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने दोस्ती, प्यार और विश्वास को सवालों के कटघरे में ला खड़ा किया है। एक युवक ने अपने जिगरी दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी – वजह सिर्फ इतनी कि वह उसकी प्रेमिका से बातें करने लगा था। यह मामला जितना भावनात्मक है, उतना ही खौफनाक भी, क्योंकि इसमें दोस्ती की आड़ में एक सोची-समझी साजिश रची गई, जिसे बेहद शातिराना ढंग से अंजाम दिया गया।

यह घटना मऊ जिले के खालिसा गांव निवासी राकेश और आज़मगढ़ के जीयनपुर क्षेत्र के फैजुल्लाह जहिरुल्लाह गांव निवासी शैलेश से जुड़ी है। दोनों एक समय टाइल्स और मार्बल का काम साथ करते थे और बेहद घनिष्ठ मित्र थे। शैलेश की एक युवती से मोबाइल पर बात हुआ करती थी, जिसमें वह कई बार राकेश को भी साथ ले जाता था। इसी दौरान राकेश और उस युवती के बीच छुपकर बातचीत शुरू हो गई, और धीरे-धीरे नज़दीकियां भी बढ़ने लगीं।

शैलेश को जब यह बात पता चली, तो उसके भीतर दोस्त के प्रति गुस्सा, जलन और धोखे की भावना ने जगह ले ली। उसने मन में बदले की आग पाली और राकेश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की ठान ली। 31 मार्च की शाम राकेश अपनी गाड़ी से शैलेश के घर पहुंचा था। लेकिन अगले दिन उसकी लाश उसी घर के एक कमरे में पड़ी मिली। सिर पर धारदार कुदाल से किया गया हमला इतना घातक था कि राकेश की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने शैलेश और उसके परिवार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया। जब जांच शुरू हुई तो पुलिस के सामने एक-एक परत खुलती चली गई। 24 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी शैलेश को फैजुल्लाह जहिरुल्लाह चट्टी से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने पूरे हत्याकांड की कहानी स्वीकार की और बताया कि कैसे उसने राकेश को घर बुलाया और रात में सोते समय सिर पर कुदाल से वार कर दिया।

पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुदाल, मृतक का मोबाइल और आधार कार्ड उसके घर के पीछे प्याज के खेत से बरामद कर लिया।

एसपी ग्रामीण के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है। कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

यह घटना न सिर्फ एक हत्या की कहानी है, बल्कि यह उस विश्वासघात की मिसाल है, जिसमें प्यार ने दोस्ती को कुचल डाला। सवाल यही है – जब दिल के रिश्ते में स्वार्थ और शक का ज़हर घुल जाए, तो क्या कोई रिश्ता बच सकता है? आज़मगढ़ की यह घटना उसी जवाब की एक खामोश चीख है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!