June 8, 2026

पत्नी की हत्या में दो साल तक सलाखों के पीछे रहा पति, फिर कोर्ट में जिंदा लौटी ‘मृत पत्नी’, खुला पुलिस की लापरवाही का बड़ा राज

कर्नाटक के कोडगु जिले से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पत्नी की हत्या के आरोप में पति दो साल से जेल में सजा काट रहा था, वही महिला एक दिन कोर्ट में जज के सामने जीवित हाजिर हो गई। इस दृश्य को देख कोर्ट में मौजूद हर शख्स हैरान रह गया। मामला अब सिर्फ एक निजी त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की लापरवाही और जल्दबाजी का आईना बन चुका है।

ऐसे शुरू हुई ‘हत्या’ की कहानी

यह घटना कोडगु जिले के कुशालनगर तालुका के बसवनहल्ली गांव की है। यहां रहने वाले सुरेश की शादी मल्लिगा नामक महिला से हुई थी। दोनों के दो बच्चे भी थे। लेकिन मल्लिगा के दिनेश नाम के युवक से प्रेम संबंध थे। साल 2020 में वह अचानक लापता हो गई। पति सुरेश ने तुरंत कुशालनगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

कुछ समय बाद प्रियपटना तालुका के पेट्टाडापुरा इलाके में एक महिला का शव मिला। पुलिस ने संदेह जताया कि यह मल्लिगा ही है। सुरेश से जबरदस्ती शव की पहचान करवाई गई और फिर उसी आधार पर उसे अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

दो साल जेल में रहा निर्दोष

पुलिस की ‘जल्दबाजी’ और ‘भ्रमित पहचान’ के कारण सुरेश को दो साल तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ा। वह लगातार अपनी बेगुनाही की बात कहता रहा, लेकिन किसी ने उसकी बात पर भरोसा नहीं किया। इस बीच उसका पिता गांधी हर मोर्चे पर लड़ता रहा। न सिर्फ वकीलों से मिलते रहे, बल्कि पुलिस से भी कई बार गुहार लगाई। लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

होटल में मिली ‘मृत’ पत्नी

कई महीनों की पड़ताल के बाद गांधी को खबर मिली कि मल्लिगा दरअसल दिनेश के साथ मडिकेरी के एक होटल में रह रही है। उन्होंने इस बारे में सुरेश के वकीलों को जानकारी दी, जिन्होंने पुलिस को सूचित किया। लेकिन पुलिस ने कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की। अंततः वकील पांडु पुजारी ने कोर्ट का रुख किया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने 1 अप्रैल को मल्लिगा को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया।

कोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

कोर्ट में मल्लिगा ने स्वीकार किया कि वह अपनी मर्जी से दिनेश के साथ रह रही थी। उसने कहा कि वह पति और बच्चों को छोड़कर दिनेश के साथ नया जीवन शुरू करना चाहती थी, इसलिए बिना कुछ बताए गायब हो गई थी। इस बयान के बाद सुरेश को तुरंत रिहा कर दिया गया।

पुलिस की लापरवाही पर फूटा कोर्ट का गुस्सा

इस मामले में 5वीं जेएमएफसी कोर्ट, मैसूरु ने जिला एसपी को निर्देश दिया है कि वे इस मामले की पूरी जांच करें और 17 अप्रैल तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने विशेष रूप से यह जानना चाहा है कि सुरेश से शव की जबरन पहचान क्यों करवाई गई और पुलिस ने मल्लिगा के जीवित होने की सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की।

अब मल्लिगा, दिनेश और पुलिस अधिकारियों से होगी पूछताछ

अदालत के निर्देश के बाद अब यह मामला नया मोड़ ले चुका है। मल्लिगा और उसके प्रेमी दिनेश से पूछताछ की जा रही है, साथ ही पुलिस के उन अधिकारियों से भी सवाल किए जा रहे हैं, जिन्होंने सुरेश को बिना ठोस सबूतों के हत्या के आरोप में जेल भेजा।

निचोड़: एक इंसान की जिंदगी से हुआ खिलवाड़

इस घटना ने न सिर्फ एक निर्दोष व्यक्ति की दो साल की जिंदगी छीन ली, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि जांच में थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी अन्याय का कारण बन सकती है। यह मामला एक चेतावनी है कि जांच और न्याय में जल्दबाजी की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

अब पूरा देश देख रहा है कि क्या वाकई इस लापरवाही के दोषियों पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी समय के साथ धुंधला पड़ जाएगा।

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