मियामी ओपन में बड़ा उलटफेर: 140वीं रैंक की खिलाड़ी ने नंबर-2 इगा स्वियातेक को किया बाहर, टेनिस जगत में मचा हड़कंप!
मियामी ओपन 2025 में बुधवार का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया, जब फिलीपींस की 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रा इयाला ने दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी इगा स्वियातेक को सीधे सेटों में 6-2, 7-5 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। विश्व रैंकिंग में 140वें स्थान पर काबिज इयाला ने न सिर्फ स्वियातेक जैसी दिग्गज को हराया, बल्कि वह डब्ल्यूटीए 1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली अपने देश की पहली महिला खिलाड़ी भी बन गईं।
कैसे पलटा खेल?
इस रोमांचक मुकाबले में इयाला ने पहले सेट में आक्रामक खेल दिखाते हुए 6-2 से आसानी से जीत दर्ज की। हालांकि, दूसरे सेट में एक समय ऐसा लग रहा था कि स्वियातेक वापसी करेंगी। इगा 4-2 की बढ़त पर थीं, लेकिन तभी इयाला ने जबरदस्त जज्बा दिखाते हुए लगातार पांच गेम जीतकर सेट 7-5 से अपने नाम कर लिया और मैच अपने पक्ष में कर लिया।
मैच जीतने के बाद इयाला की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने कहा,
“मैं विश्वास नहीं कर पा रही हूं कि मैंने दुनिया की नंबर-2 खिलाड़ी को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। मैं अपने शॉट्स पर भरोसा कर रही थी और मेरी टीम ने हमेशा मुझे समझाया कि मैं यह कर सकती हूं।”
राफेल नडाल की अकादमी से निकली ‘नई सनसनी’
एलेक्जेंड्रा इयाला का सफर आसान नहीं रहा है। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने स्पेन के मल्लोर्का में राफेल नडाल की अकादमी में दाखिला लिया। वहां उन्होंने नडाल के चाचा और कोच टोनी नडाल से टेनिस की बारीकियां सीखीं। इयाला ने अपनी सफलता का श्रेय नडाल परिवार को देते हुए कहा,
“यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है कि टोनी नडाल मेरा मैच देखने आए। इससे पता चलता है कि उन्हें मुझ पर और मेरी काबिलियत पर भरोसा था।”
सेमीफाइनल में जेसिका पेगुला से भिड़ंत
इयाला का अगला मुकाबला अमेरिका की शीर्ष खिलाड़ी जेसिका पेगुला से होगा। पेगुला ने क्वार्टरफाइनल में ब्रिटेन की एम्मा रादुकानू को हराकर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की। अपनी आगामी चुनौती को लेकर इयाला ने कहा,
“यह सिर्फ एक मुश्किल मैच नहीं था, इससे पहले के मुकाबले भी आसान नहीं थे। सेमीफाइनल और भी कठिन होगा, लेकिन मैं अपनी पूरी ताकत लगाकर खेलूंगी।”
स्वियातेक ने हार को स्वीकारा
हार के बाद इगा स्वियातेक ने अपनी निराशा जाहिर की लेकिन उन्होंने इयाला की तारीफ करते हुए कहा,
“आज का दिन मेरे लिए अच्छा नहीं रहा। मेरा फोरहैंड उम्मीद के मुताबिक नहीं चला। एलेक्जेंड्रा ने अपने मौके का शानदार फायदा उठाया और जीत की हकदार थीं। हार से सीखना जरूरी है, और मैं इस पर ज्यादा सोचकर खुद पर दबाव नहीं डालना चाहती।”
क्यों है यह जीत ऐतिहासिक?
पहली बार किसी फिलीपीनो महिला खिलाड़ी ने डब्ल्यूटीए 1000 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया है।
इयाला ने दुनिया की नंबर-2 खिलाड़ी को सीधे सेटों में हराकर टेनिस जगत को चौंका दिया।
19 साल की उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना बेहद दुर्लभ है।
टेनिस की दुनिया में नया सितारा?
इयाला की इस ऐतिहासिक जीत ने टेनिस जगत में हलचल मचा दी है। युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि आने वाले समय में वह एक बड़ी चुनौती बनने वाली हैं। क्या इयाला मियामी ओपन में चमत्कारिक सफर को जारी रख पाएंगी और अपने देश के लिए नया इतिहास रचेंगी? सभी की नजरें अब उनके सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।
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