April 20, 2026

भारत की उद्योग में ऐतिहासिक ग्रोथ: आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा देश

भारत अपने आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में लगातार प्रगति कर रहा है, और इसका एक प्रमुख उदाहरण देश के उद्योगों में बढ़ती ग्रोथ के रूप में सामने आया है। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि विभिन्न उद्योगों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, नमक, फर्नीचर और वेस्ट कलेक्शन जैसे क्षेत्रों में 2022-23 के बीच क्रमशः 20.84%, 10.64% और 16.92% की वृद्धि दर्ज की गई है।

पीएम मोदी का उद्योग जगत से आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 मार्च 2025 को इस उद्योग ग्रोथ पर महत्वपूर्ण बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि, “मैं उद्योग जगत से आत्मविश्वास के साथ मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट में बड़े कदम उठाने के लिए कहता हूं।” प्रधानमंत्री ने इस दौरान यह भी आश्वासन दिया था कि सरकार अपने नीतियों के माध्यम से इस दिशा में उद्योगों का समर्थन करेगी। उनकी यह बात यह दर्शाती है कि भारत अब पूरी तरह से उद्योग पर फोकस कर रहा है, और इसे देश के विकास का एक प्रमुख स्तंभ माना जा रहा है।

इंडस्ट्री की बढ़ती संख्या: भारत में उद्योगों का बढ़ता प्रभाव

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 में देश में विभिन्न उद्योगों के भीतर फैक्ट्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह रिपोर्ट अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक के आंकड़ों को शामिल करती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकार और अन्य संस्थाएं भारत में युवाओं और महिलाओं को उद्योग की ओर आकर्षित करने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं, जैसे ‘लखपति दीदी’, जिससे अधिक से अधिक लोग उद्योगों में भागीदारी कर रहे हैं।

भारत में फैक्ट्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि

भारत में फैक्ट्रियों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में भारी वृद्धि हुई है। साल 2013-14 में देश में 2 लाख 24 हजार 576 फैक्ट्रियां थीं, जबकि 2022-23 तक यह संख्या बढ़कर 2 लाख 53 हजार 334 हो गई है, जो कि लगभग 12% की वृद्धि दर्शाता है। इस वृद्धि से यह स्पष्ट है कि भारत अपनी बढ़ती जनसंख्या को सृजनात्मकता और विकास की दिशा में मोड़ने में सफल हो रहा है।

नमक, फर्नीचर और वेस्ट कलेक्शन उद्योग में बूम

हालांकि, कुछ विशेष उद्योगों ने गति पकड़ने में ज्यादा सफलता हासिल की है। रिपोर्ट के मुताबिक, नमक, फर्नीचर और वेस्ट कलेक्शन की फैक्ट्रियों में 2022-23 में तेज़ी से वृद्धि हुई है। इन उद्योगों के अलावा भी कई छोटे और बड़े उद्योगों ने भारत की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दिया है।

इंडस्ट्री का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर

उद्योग जगत का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, और इसी कारण पीएम मोदी ने भारत को “दुनिया का विकास इंजन” करार देते हुए उद्योग जगत से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने का आह्वान किया था। यह रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है कि भारत सही दिशा में बढ़ रहा है और उसकी अर्थव्यवस्था में मजबूती आ रही है।

देश के विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में इस तरह की लगातार वृद्धि से यह स्पष्ट हो रहा है कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जहां एक तरफ पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को गति दी है, वहीं दूसरी ओर उद्योगों में हो रही इस वृद्धि से देश का भविष्य और भी उज्जवल प्रतीत हो रहा है।

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