लखनऊ मेट्रो के दूसरे पेज का निर्माण अप्रैल से शुरू, 12 स्टेशनों का होगा जाल!
लखनऊ मेट्रो के यात्रियों के लिए एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है, क्योंकि राजधानी में मेट्रो के दूसरे पेज का निर्माण अगले महीने से शुरू होगा। प्रशासन के अनुसार, अप्रैल से मेट्रो के दूसरे पेज के निर्माण कार्य की शुरुआत हो जाएगी, और इस परियोजना को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके तहत 11.5 किलोमीटर लंबा रूट बनाया जाएगा, जो चारबाग से बसंत कुंज तक विस्तारित होगा और इस रूट पर कुल 12 मेट्रो स्टेशन बनेंगे।
यह मेट्रो कॉरिडोर राजधानी की ट्रांसपोर्ट प्रणाली में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, क्योंकि इससे न केवल यातायात की सुगमता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना की लागत लगभग 5800 करोड़ रुपये अनुमानित है।
मेट्रो के दूसरे पेज का विस्तार
लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) पहले ही अमौसी से मुंशी पुलिया तक मेट्रो का संचालन करता है, लेकिन अब इस विस्तार के तहत ईस्ट और वेस्ट कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने पहले ही कई महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम दिया है, जिसमें मिट्टी की जांच से लेकर अन्य आधारभूत संरचनाओं की तैयारी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि दूसरे पेज का काम अगले कुछ महीनों में शुरू होगा और इसका कार्य 5 साल में पूरा होने की उम्मीद है।
12 मेट्रो स्टेशन का निर्माण
दूसरे पेज के तहत बनने वाले रूट पर कुल 12 मेट्रो स्टेशन होंगे। इस परियोजना में खास बात यह है कि इसमें सात स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे और पांच स्टेशन एलिवेटेड होंगे। खासकर, ईस्ट और वेस्ट कॉरिडोर में चारबाग, गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा जैसे प्रमुख स्थानों पर अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे, जबकि ठाकुरगंज, बालागंज, मूसा बाग, सरफराजगंज और बसंत कुंज में एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे।
भूमिगत और एलिवेटेड हिस्से का संतुलन
लखनऊ मेट्रो के दूसरे पेज में कुल 11.165 किलोमीटर लंबी लाइन होगी, जिसमें से 4.286 किलोमीटर लंबाई एलिवेटेड होगी और 6.879 किलोमीटर लंबाई भूमिगत होगी। यह संतुलन यह सुनिश्चित करेगा कि यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव हो, चाहे वह भूमिगत मार्ग से यात्रा करें या एलिवेटेड मार्ग से। प्रशासन का कहना है कि इस परियोजना के लिए पहले ही जरूरी मिट्टी और टोपोग्राफी की जांच पूरी कर ली गई है, ताकि निर्माण कार्य में कोई रुकावट न आए।
परियोजना का महत्व और भविष्य
इस परियोजना के पूरा होने के बाद, लखनऊ मेट्रो का नेटवर्क और भी सशक्त और विस्तृत हो जाएगा, जिससे राजधानी में यातायात की समस्या कम होने की उम्मीद है। मेट्रो के विस्तार से न केवल यात्री यात्रा की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि यह शहर की समग्र विकास योजना के तहत एक अहम योगदान साबित होगा। लखनऊ मेट्रो का पहला चरण, यानी रेड लाइन पहले ही सफलतापूर्वक चल रही है, और अब इसके दूसरे पेज का विस्तार एक और मील का पत्थर साबित होगा।
लखनऊ में मेट्रो का यह नया पेज एक नई दिशा में विकास की ओर कदम बढ़ाएगा और यात्रियों को बेहतर यातायात सेवाएं प्रदान करेगा।
Share this content:
