सोने की तस्करी में एक्ट्रेस रान्या राव और एक्टर विराट कोंडूरू की साजिश: करोड़ों की तस्करी के नए खुलासे!
मुम्बई/बेंगलुरु: 3 मार्च को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर एक्ट्रेस रान्या राव की गिरफ्तारी ने देश को चौंका दिया था, जब उन पर 14.2 किलोग्राम सोने की तस्करी के आरोप लगाए गए थे। रान्या दुबई से सोने के साथ भारत लौट रही थी और इसकी कीमत 12.56 करोड़ रुपये बताई जा रही थी। हालांकि, जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ी, हर रोज़ नए खुलासे हो रहे हैं और यह मामला एक बड़े तस्करी रैकेट का रूप ले चुका है। इस तस्करी में रान्या अकेली नहीं थी, बल्कि उसका एक प्रमुख साथी भी था – तेलुगू एक्टर विराट कोंडूरू, जिसे हाल ही में गिरफ्तार किया गया है।
विराट कोंडूरू और रान्या राव की साजिश: अमेरिका के पासपोर्ट का इस्तेमाल
जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि रान्या राव ने दुबई एयरपोर्ट पर सोने को भारत में तस्करी करने के लिए अपने सहयोगी और सह-आरोपी, तेलुगू एक्टर विराट कोंडूरू के अमेरिकी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया। विराट कोंडूरू, जो पेशे से अभिनेता हैं, ने कथित तौर पर रान्या को 12.56 करोड़ रुपये मूल्य के सोने को दुबई सीमा शुल्क से पार कराने में मदद की।
आरोप है कि कोंडूरू ने जिनेवा जाने का दावा किया और अपने अमेरिकी पासपोर्ट का उपयोग किया, ताकि वह सोने को बिना किसी परेशानी के दुबई से भारत लेकर आ सके। दुबई एयरपोर्ट पर कस्टम्स अधिकारियों को यह धोखा देने के लिए कोंडूरू ने यह दावा किया कि वह जिनेवा जा रहा है, लेकिन असल में वह रान्या के साथ भारत में तस्करी के लिए सोना ला रहा था।
तस्करी में शामिल है दुबई का संगठित गिरोह
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि इस सोने की तस्करी के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है, जिसका मुख्यालय दुबई में है। इस गिरोह ने भारी मात्रा में सोने की तस्करी के लिए सीमा शुल्क की चोरी की। रान्या राव पर आरोप है कि उसने बेंगलुरु में 14.2 किलोग्राम सोने की तस्करी करने की कोशिश की, साथ ही 4.83 करोड़ रुपये का सीमा शुल्क चोरी करने का भी आरोप है।
डीआरआई (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) ने रान्या के घर से 2.67 करोड़ रुपये नकद और 2.07 करोड़ रुपये के आभूषण भी जब्त किए हैं, जो इस तस्करी के संबंध में मिले।
विराट कोंडूरू का आपराधिक इतिहास
विराट कोंडूरू, जो एक अभिनेता हैं और बेंगलुरु की एक बिजनेस फैमिली से ताल्लुक रखते हैं, 2018 में तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था। हालांकि, उनका फिल्मी करियर बहुत संक्षिप्त रहा और उन्होंने केवल एक फिल्म ‘परिचयम’ में मुख्य भूमिका निभाई। जांच के दौरान कोंडूरू ने यह स्वीकार किया कि वह रान्या राव के साथ लंबे समय से बिजनेस पार्टनर था और दोनों ने मिलकर कई बार सोने की तस्करी की कोशिश की थी। इसके अलावा, कोंडूरू ने कहा कि रान्या ने अक्सर उसकी यात्रा के खर्चे उठाए और उन्होंने अतीत में अफ्रीका से भी सोना मंगाने की कोशिश की थी।
रान्या राव और विराट कोंडूरू की आपराधिक गतिविधि की चौंकाने वाली सच्चाई
रान्या राव और विराट कोंडूरू के आपराधिक साझेदारी की कहानी और भी हैरान कर देने वाली है। डीआरआई के वकील ने बताया कि दोनों 3 मार्च को दुबई एयरपोर्ट पर एक साथ पहुंचे थे, जहां कोंडूरू ने जिनेवा जाने का दावा करके कस्टम्स से सोना पास कराया। इसके बाद, उसने सोना रान्या को सौंप दिया, जो इसे बेंगलुरु में तस्करी करने के लिए लेकर आ रही थी।
कोंडूरू के पास जिनेवा का टिकट था, लेकिन वह कथित तौर पर हैदराबाद की फ्लाइट लेकर वहां से भाग गया। जबकि रान्या बेंगलुरु के लिए दूसरी फ्लाइट से रवाना हुई। कोंडूरू को रान्या के साथ नहीं पकड़ा गया क्योंकि उनके यात्रा योजनाएं अलग थीं, लेकिन डीआरआई की जांच में रान्या की संलिप्तता सामने आई।
गिरफ्तारी और पुलिस की सख्त कार्रवाई
कोंडूरू की पहचान स्थापित होने के बाद डीआरआई ने उसके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी किया था। वह देश छोड़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे हैदराबाद में रोक लिया। बाद में 8 मार्च को कोंडूरू को समन जारी किया गया और 9 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अब इस मामले में रान्या राव और विराट कोंडूरू के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है। यह मामले ने सोने की तस्करी के व्यापार को लेकर एक नया मोड़ लिया है, और पुलिस विभाग ने यह चेतावनी दी है कि ऐसे तस्करी रैकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या आगे बढ़ेगा मामला?
जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ेगी, यह साफ होता जा रहा है कि इस सोने की तस्करी में बहुत बड़ा रैकेट काम कर रहा है। रान्या राव और विराट कोंडूरू की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब यह देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किस हद तक कर पाती हैं।
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