April 21, 2026

संभल में सुरक्षा के बीच बड़ा फैसला: होली और जुमे की नमाज शांति से संपन्न, क्या अब खत्म हुआ तनाव?

संभल में बीते कुछ महीनों से जारी तनाव के बीच आज का दिन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता था, लेकिन सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और लोगों के संयम ने हालात को सामान्य बनाए रखा। होली का जुलूस और जुमे की नमाज, दोनों ही बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हो गए।

 

पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा का कड़ा पहरा

 

संभल में बीते दिनों से माहौल को लेकर आशंका जताई जा रही थी कि होली के दौरान किसी अप्रिय घटना की संभावना हो सकती है। इसी के चलते प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। शहर में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पीएसी (PAC) को तैनात किया गया था, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार गश्त कर रहे थे।

 

संभल के सर्कल ऑफिसर (CO) अनुज चौधरी ने मीडिया से बातचीत में बताया,

 

> “होली सबने बहुत प्यार और भाईचारे के साथ मनाई। कहीं से भी कोई शिकायत नहीं आई। जुमे की नमाज भी शांति से अदा की गई। प्रशासन के लिए यह राहत की बात है कि सब कुछ सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।”

 

 

 

जामा मस्जिद के पास से निकला 3000 लोगों का जुलूस

 

होली के जुलूस को लेकर भी प्रशासन पहले से सतर्क था, खासकर जामा मस्जिद के पीछे से निकलने वाले जुलूस पर सबकी नजर थी। इस जुलूस में करीब 3,000 लोग शामिल थे। अनुज चौधरी ने कहा कि,

 

> “जुलूस के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और स्थिति को नियंत्रण में रखा।”

 

 

 

पिछले साल नवंबर में हुआ था हिंसक टकराव

 

संभल में यह तनाव नया नहीं था। नवंबर 2024 में मस्जिद के सर्वे को लेकर भड़की हिंसा में हालात बेकाबू हो गए थे। उस दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच हुई झड़प में 5-6 लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों घायल हुए थे। इस घटना के बाद से ही संभल का माहौल संवेदनशील बना हुआ था।

 

क्या अब संभल में शांति बहाल हो जाएगी?

 

आज का दिन प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। हालांकि, होली और जुमे की नमाज के शांतिपूर्ण आयोजन ने यह संकेत जरूर दिया है कि शहर में हालात सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन क्या यह स्थायी शांति होगी, या फिर किसी नई घटना से माहौल फिर गरमा जाएगा? यह देखने वाली बात होगी।

 

प्रशासन ने क्या सीखा?

 

संभल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कड़े सबक लिए हैं। पिछले साल की हिंसा के बाद, इस बार पहले से ही हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। लगातार गश्त, भारी सुरक्षा बलों की तैनाती और अधिकारियों की सक्रियता ने किसी भी संभावित टकराव को टाल दिया।

 

फिलहाल, संभल में शांति है, लेकिन क्या यह स्थायी होगी? या फिर कोई नया विवाद इसे भंग कर स

कता है? यह सवाल अभी भी बरकरार है।

 

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