अंबेडकरनगर में गैस सिलेंडर से जल उठा घर! होली की खुशियां मातम में बदली, दो मासूमों की मौत
अंबेडकरनगर, उत्तर प्रदेश: होली की खुशियों के बीच उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। गैस सिलेंडर के रिसाव से लगी आग में एक ही परिवार की दो बेटियां जिंदा जल गईं, जबकि माता-पिता गंभीर रूप से झुलस गए।
इस हादसे में घायल पति-पत्नी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। हादसा बेवाना क्षेत्र के समोखपुर गांव में हुआ, जहां एक नए गैस सिलेंडर की वजह से यह भीषण दुर्घटना घटी।
कैसे हुआ यह दिल दहला देने वाला हादसा?
समोखपुर गांव के निवासी हौसला प्रसाद दिल्ली में एक निजी संस्था में काम करते हैं। बुधवार को वह अपने गांव लौटे थे और गुरुवार को नया गैस सिलेंडर लेकर आए थे।
रात के समय जब घर में खाना बनाने की तैयारी हो रही थी, तभी अचानक गैस सिलेंडर से रिसाव होने लगा। किसी को इस बात की भनक नहीं लगी कि घर में गैस भर चुकी है।
रात में हौसला प्रसाद, उनकी पत्नी कमला देवी, बड़ी बेटी दिव्यांशी, छोटी बेटी शिवांशी और नातिन श्रेया घर के अंदर मौजूद थे। इसी दौरान जैसे ही शिवांशी ने चूल्हा जलाने के लिए माचिस जलाई, वैसे ही पूरे घर में आग भड़क उठी।
बचाने की कोशिशें नाकाम, दो बच्चियों की दर्दनाक मौत
आग लगते ही हौसला, कमला देवी और शिवांशी किसी तरह बाहर भागने में सफल रहे, लेकिन दिव्यांशी और श्रेया घर के अंदर फंस गईं।
माता-पिता ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन जलती हुई लपटों के बीच घुसने की कोशिश में वे खुद भी बुरी तरह झुलस गए।
गांव में मची अफरा-तफरी, दमकल पहुंचने में हुई देर
घटना की खबर मिलते ही गांव वाले मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि कोई भी घर के अंदर नहीं घुस सका।
हालात बिगड़ते देख तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन दमकल के पहुंचने से पहले ही सब कुछ तबाह हो चुका था।
घंटों की मशक्कत के बाद बुझी आग, लेकिन मासूमों की जान नहीं बची
दमकल विभाग की टीम और ग्रामीणों की मदद से घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया।
घर से जब चारों झुलसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया, तो तुरंत उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया।
लेकिन अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने दिव्यांशी और श्रेया को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हौसला प्रसाद और कमला देवी की हालत नाजुक बनी हुई है।
होली की खुशियां गम में बदलीं, गांव में छाया मातम
गांव में होली की तैयारियां जोरों पर थीं, लेकिन इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया।
हंसता-खेलता परिवार एक पल में उजड़ गया और होली का रंग मातम में बदल गया।
पुलिस कर रही जांच, शवों को भेजा गया पोस्टमार्टम के लिए
थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि आग लगने की वजह गैस रिसाव ही मानी जा रही है, लेकिन फॉरेंसिक टीम भी जांच कर रही है।
> “यह एक दर्दनाक हादसा है। हमने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों का इलाज जारी है।”
इस तरह के हादसों से कैसे बचा जा सकता है?
इस घटना के बाद गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है।
✔ गैस सिलेंडर बदलने के बाद तुरंत चेक करें कि कोई रिसाव तो नहीं हो रहा।
✔ साबुन के घोल से सिलेंडर और पाइप की जांच करें, अगर बुलबुले बनते हैं तो गैस लीक हो रही है।
✔ रात में सोने से पहले सभी गैस कनेक्शन को बंद करना सुनिश्चित करें।
✔ घर में आग बुझाने के यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) रखें और उसका उपयोग सीखें।
✔ गैस सिलेंडर का रेगुलेटर और पाइप समय-समय पर बदलते रहें।
यह हादसा हर परिवार के लिए एक सबक है कि गैस सिलेंडर के इस्तेमाल में थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
संभल, अंबेडकरनगर और अन्य जगहों पर होली की खुशियां मनाई जा रही हैं, ले
किन समोखपुर गांव इस बार होली पर रंग नहीं, आंसू बहा रहा है।
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