असम के वित्त मंत्री ने पेश किया 2.63 लाख करोड़ रुपये का बजट: 620.27 करोड़ रुपये के घाटे की उम्मीद, कारोबार जगत में कई अहम बदलाव
असम के वित्त मंत्री अजंता नियोग ने सोमवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2.63 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट में राज्य के सामने 620.27 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान जताया गया है, जो सरकार की वित्तीय नीति के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, नियोग ने इस बजट को कई प्रमुख योजनाओं से सुसज्जित किया है, जिससे राज्य के आर्थिक विकास को गति मिल सकती है।
असम सरकार का ध्यान करदाता परिवारों की क्रय क्षमता बढ़ाने पर
नियोग ने विधानसभा में पेश करते हुए बताया कि बजट में राज्य के कामकाजी लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल है, जिसमें 15,000 रुपये तक की मासिक आय पर व्यावसायिक कर से छूट दी जाएगी। यह प्रस्ताव असम के 1.43 लाख से अधिक करदाताओं और उनके परिवारों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है, जिससे उनकी क्रय क्षमता में वृद्धि होने की संभावना है। यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिसमें सरकार ने राज्य के नागरिकों को राहत देने का संदेश दिया है।
चाय उद्योग के लिए राहत: हरी चाय की पत्तियों पर कर छूट दो वर्ष और बढ़ी
असम के चाय उद्योग को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने हरी चाय की पत्तियों पर कर छूट की अवधि को दो और वर्षों के लिए बढ़ाने की घोषणा की। चाय उद्योग, जो राज्य की प्रमुख कृषि और व्यापारिक गतिविधियों में से एक है, पहले ही कई कठिनाइयों का सामना कर रहा है। इस कर छूट के माध्यम से सरकार ने उद्योग को राहत देने का प्रयास किया है, ताकि चाय उत्पादकों को आर्थिक संकट से उबारने में मदद मिल सके।
वित्त मंत्रालय ने आईआरडीएआई अध्यक्ष पद के लिए आवेदन मांगे
नई दिल्ली से आई एक अन्य महत्वपूर्ण खबर के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के अध्यक्ष पद को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। मौजूदा अध्यक्ष, देबाशीष पांडा का कार्यकाल 13 मार्च को समाप्त हो रहा है। पांडा ने 14 मार्च 2022 को इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी और उनकी तीन साल की अवधि पूरी हो रही है।
आईआरडीएआई के अध्यक्ष पद के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल 2025 निर्धारित की गई है। वित्त मंत्रालय ने इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों से उम्मीद की है कि उनके पास कम से कम 30 वर्षों का प्रासंगिक कार्य अनुभव हो और उन्होंने भारत सरकार या राज्य सरकार के समकक्ष स्तर पर सचिव के रूप में कार्य किया हो।
नए बदलावों की ओर कदम बढ़ाते हुए, असम और बीमा क्षेत्र की ओर से नई नीतियां और अवसर
असम के बजट के अलावा, वित्त मंत्रालय द्वारा आईआरडीएआई अध्यक्ष पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से बीमा क्षेत्र में भी एक नया मोड़ आ सकता है। इन दोनों घटनाओं से यह स्पष्ट है कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक नीतियों और संस्थागत बदलावों के जरिए कारोबार जगत में अहम सुधार किए जा रहे हैं। जहां असम सरकार अपने बजट के माध्यम से राज्य के नागरिकों को आर्थिक रूप से समर्थ बनाने की दिशा में कदम उठा रही है, वहीं आईआरडीएआई की नई अध्यक्षता के चयन से बीमा क्षेत्र में भी नए दिशा-निर्देशों का निर्धारण हो सकता है।
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