महिलाओं के लिए 3,000 रुपये की फंड ट्रांसफर: महाराष्ट्र सरकार की ‘लाडकी बहिन योजना’ में हुई नई घोषणा, लेकिन क्या वादा पूरा होगा?
महाराष्ट्र सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए फरवरी और मार्च 2025 महीने की किस्तों को एक साथ जारी करने का निर्णय लिया है। इसके तहत, लाभार्थी महिलाओं के खातों में कुल 3,000 रुपये (दोनों महीनों के लिए 1,500 रुपये प्रति माह) जमा किए जाने की प्रक्रिया शुक्रवार, 7 मार्च से शुरू हो गई है। यह राशि महिलाओं के बैंक खातों में लगातार जमा होती रहेगी, जिससे उन्हें तुरंत वित्तीय सहायता मिलने का इंतजार समाप्त हुआ।
मुख्यमंत्री ‘माझी लाडकी बहिन योजना’ का अहम कदम
महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को वर्तमान में प्रति माह 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। हालांकि, विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर 2,100 रुपये करने का वादा किया था। सरकार का यह वादा महिलाओं के बीच उम्मीदें और भी बढ़ा चुका था, लेकिन इस वृद्धि को लेकर स्थिति अभी भी अस्पष्ट है।
क्या सरकार वादा पूरा कर पाएगी?
महिला एवं बाल विकास मंत्री, अदिति तटकरे ने हाल ही में विधान परिषद में इस बढ़ोतरी के संबंध में बयान दिया। उन्होंने बताया कि अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। उनके अनुसार, घोषणापत्र पांच वर्षों के लिए होता है और इस दौरान समय आने पर इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट हुआ कि वर्तमान में सरकार की तरफ से 2,100 रुपये की सहायता की योजना को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
विपक्ष का सरकार पर हमला
महाराष्ट्र सरकार द्वारा 2,100 रुपये देने के वादे का पालन न करने पर विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमले बोल रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि महायुति सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। विपक्षी नेता सरकार पर वादे पूरा करने के बजाय केवल बयानबाजी कर रही है, जिससे लाभार्थी महिलाओं के मन में संदेह पैदा हो गया है।
लाडकी बहिन योजना के लाभार्थियों की संख्या में कमी
हालांकि, इस योजना का प्रभाव पूरी तरह से सकारात्मक दिख रहा था, लेकिन हाल ही में इसके लाभार्थियों की संख्या में कमी आई है। दिसंबर 2024 में जहां 2 करोड़ 46 लाख महिलाओं को 1,500 रुपये की राशि मिली थी, वहीं जनवरी 2025 में यह संख्या घटकर 2 करोड़ 41 लाख रह गई। अधिकारियों के अनुसार, योजना के लाभार्थियों की पात्रता की जांच के बाद लगभग 9 लाख महिलाएं अपात्र पाई गई हैं, जिससे सरकार को 1,620 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
पात्रता और नियमों में बदलाव
महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहिन योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की आयु की महिलाएं पात्र होती हैं, बशर्ते उनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम हो। इस योजना के लिए हाल ही में वेरिफिकेशन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है, और इसी के कारण 9 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित किया गया। इस प्रक्रिया ने एक ओर जहां सरकार के लिए वित्तीय बचत की व्यवस्था की, वहीं दूसरी ओर कई लाभार्थियों के लिए मुश्किलें भी पैदा कीं।
क्या भविष्य में मिलेगी 2,100 रुपये की सहायता?
चलिए, अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकार अपने चुनावी वादे को पूरा कर पाएगी और महिला लाभार्थियों को 2,100 रुपये की सहायता देने की घोषणा करेगी? फिलहाल तो महाराष्ट्र सरकार की तरफ से इस वादे के बारे में कोई ठोस योजना नहीं बनी है, लेकिन समय के साथ इस पर फिर से विचार किए जाने की उम्मीद है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महाराष्ट्र सरकार ने जो 3,000 रुपये का भुगतान किया है, वह एक अच्छा कदम था, लेकिन महिलाओं को उनके हक की राशि मिलने में कितनी देरी होगी और क्या सरकार अपने वादे पर खरा उतरेगी, यह देखना अब बाकी है।
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