उत्तर प्रदेश: शराब के नशे में धुत ग्राम विकास अधिकारी की हुई गिरफ्तारी, बोर्ड परीक्षा में सेंधमारी का प्रयास नाकाम
जालौन, 4 मार्च 2025: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच नगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बोर्ड की परीक्षा के दौरान एक सरकारी अधिकारी शराब के नशे में टुन्न पाया गया। यह घटना उस समय हुई जब यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा चल रही थी। कोंच नगर के सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट के रूप में ड्यूटी कर रहे ग्राम विकास अधिकारी हेमंत कुमार नशे की हालत में मिले, जिसे देख केंद्र व्यवस्थापक हैरान रह गए।
मामला सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप
केंद्र व्यवस्थापक ने जब हेमंत कुमार को शराब के नशे में पाया तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी। इसके बाद कोंच कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और अधिकारी को हिरासत में लिया। पुलिस ने ग्राम विकास अधिकारी हेमंत कुमार को कोतवाली ले जाकर कागजी कार्रवाई की और बाद में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां उनका मेडिकल परीक्षण किया गया। रिपोर्ट में शराब का सेवन पाए जाने के बाद जिलाधिकारी ने विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया।
जिलाधिकारी का कड़ा रुख और कर्मचारियों को दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने इस घटना को गंभीरता से लिया और सभी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि यदि इस तरह की कोई घटना फिर से सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि यूपी बोर्ड की परीक्षा नकल मुक्त और शांति से संपन्न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।
विधिक कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया
ग्राम विकास अधिकारी हेमंत कुमार के खिलाफ यह विभागीय कार्रवाई एक बार फिर यह साबित करती है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुशासनहीनता को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में कोंच कोतवाली पुलिस ने आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है, और पुलिस विभाग जांच कर रहा है कि क्या इस मामले में किसी और व्यक्ति का भी हाथ तो नहीं था।
अब तक की कार्रवाई
यह घटना उस समय सामने आई जब यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा चल रही थी, जिसमें संस्कृत, गणित और बायोलॉजी जैसे विषय शामिल थे। ऐसे में इस घटना ने प्रशासन के लिए परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने का सवाल खड़ा कर दिया।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि अब से परीक्षा केंद्रों पर और कड़ी निगरानी रखी जाएगी और जिन अधिकारियों पर जिम्मेदारी होगी, उनका पूरी तरह से सत्यापन किया जाएगा। यह मामला जिले के शिक्षा विभाग के लिए एक चेतावनी के रूप में सामने आया है कि किसी भी स्थिति में परीक्षा के दौरान कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अनुशासनहीनता न दिखाए।
सस्पेंड किए गए अधिकारी पर होगी विभागीय कार्रवाई
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में आरोपित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। आगे आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं, और अगर किसी और की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था में एक नई चेतावनी बनकर उभरी है कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कोई रुकावट न आए और परीक्षाओं की निष्पक्षता बनी रहे।
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