पीएम मोदी ने गिर वन्यजीव अभयारण्य में किया ऐतिहासिक दौरा, वन्यजीव संरक्षण पर की अहम घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 मार्च, 2025 को विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर गुजरात के जूनागढ़ जिले स्थित गिर वन्यजीव अभयारण्य का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सासन गिर पहुंचकर वन्यजीवों के संरक्षण के महत्व पर जोर दिया और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक से पहले, पीएम मोदी ने सुबह-सुबह जंगल सफारी का आनंद लिया, जहां उन्होंने गिर अभयारण्य के प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों की अद्भुत विविधता को देखा।
भारत की संस्कृति में समाहित है प्रकृति संरक्षण का संदेश
विश्व वन्यजीव दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश है जहां प्रकृति से जुड़ी चीजों को संरक्षित रखना हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास वन्यजीवों को सुरक्षित रखने की दिशा में कई बड़ी उपलब्धियां हैं, और यह देश के लिए गर्व की बात है कि हम वन्यजीवों के संरक्षण में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिलचस्प सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा कि आज दुनियाभर के वन्यजीव प्रेमियों के मन में यह सवाल है कि विभिन्न टाइगर रेंज देशों में बाघों की आबादी स्थिर हो रही है या घट रही है, लेकिन भारत में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “भारत की संस्कृति और समाज में बायोडायवर्सिटी और पर्यावरण के प्रति स्वाभाविक आग्रह है, और यही इसका कारण है कि हम सफलता की ओर बढ़ रहे हैं।”
इकोलॉजी और इकोनॉमी का संतुलन: पीएम मोदी का अहम संदेश
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में हम इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच किसी भी प्रकार के अलगाव को नहीं मानते। हम मानते हैं कि ये दोनों एक-दूसरे के साथ सह-अस्तित्व में रह सकते हैं और दोनों ही देश के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सरकार ने वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है, और हम इसके लिए निरंतर काम कर रहे हैं।
वैश्विक सहयोग की आवश्यकता: पर्यावरण सुरक्षा का वैश्विक मुद्दा
पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि वन्यजीवों का संरक्षण केवल एक देश का कार्य नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि इस कार्य को सफल बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और गठबंधन की आवश्यकता है। केवल तभी हम एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं, जब हमारा पर्यावरण सुरक्षित और संरक्षित रहेगा।
प्रधानमंत्री ने पृथ्वी की अविश्वसनीय जैव विविधता के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “हर प्रजाति का पृथ्वी पर एक अहम स्थान है, और हमें उनके भविष्य की रक्षा करनी होगी ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह दुनिया सुरक्षित रहे।”
भारत के योगदान पर गर्व: वन्यजीव संरक्षण में अहम भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम भारत में वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा में अपने योगदान पर गर्व महसूस करते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और यह दिशा में हमारी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
विश्व वन्यजीव दिवस पर प्रधानमंत्री का संदेश: हमारी जिम्मेदारी
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा, “आइए, इस दिन को याद करते हुए हम यह संकल्प लें कि हम अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पृथ्वी की जैव विविधता को सुरक्षित रखेंगे। हर जीव की अपनी अहमियत है और हमें उनके संरक्षण में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए।”
उनकी यह घोषणा और संदेश पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति भारत की गहरी प्रतिबद्धता को और भी स्पष्ट करते हैं। उनका यह कदम न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा बन सकता है, जो पर्यावरण संरक्षण के दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
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