तेलंगाना की सुरंग में फंसे 8 मजदूरों की जिंदगियों का संकट: बचाव अभियान जारी, कैसे निकलेगा संकट?
तेलंगाना में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल सुरंग (SLBC) में एक भयावह हादसा हुआ है, जिसमें आठ मजदूर पिछले तीन दिनों से फंसे हुए हैं। शनिवार को सुरंग के 13-14 किलोमीटर अंदर छत का एक हिस्सा ढहने के कारण ये लोग सुरंग में फंस गए थे। यह घटना तब हुई जब ये मजदूर काम के सिलसिले में सुरंग के अंदर थे। अब, उनकी सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव कार्य जोरों पर चल रहा है, लेकिन इस मुश्किल ऑपरेशन में अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है।
इस घटना में दो इंजीनियर और छह श्रमिकों को फंसे हुए पाया गया है, जो विभिन्न राज्यों से आते हैं। उत्तर प्रदेश के दो मजदूर, झारखंड के चार मजदूर, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के एक-एक मजदूर इस हादसे का शिकार हुए हैं। फंसे हुए मजदूरों की पहचान इस प्रकार है:
- मनोज कुमार (प्रोजेक्ट इंजीनियर) – उत्तर प्रदेश
- श्रीनिवास (फील्ड इंजीनियर) – उत्तर प्रदेश
- संदीप साहू (श्रमिक) – झारखंड
- जातक (श्रमिक) – झारखंड
- संतोष साहू (श्रमिक) – झारखंड
- अनुज साहू (श्रमिक) – झारखंड
- सनी सिंह (श्रमिक) – जम्मू-कश्मीर
- गुरप्रीत सिंह (श्रमिक) – पंजाब
घटना के बाद, बचाव दल ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया, लेकिन सुरंग में मलबा और ढही हुई छत ने उनके रास्ते को अवरुद्ध कर दिया। सुरंग में कई मजदूर घायल भी हुए थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, बचाव दल सुरंग के अंदर नहीं जा सके और वे वापस लौट आए थे, लेकिन सरकार और राहत कर्मी लगातार काम कर रहे हैं।
तेलंगाना सरकार ने इस बचाव अभियान में सेना, नौसेना, एनडीआरएफ और देश के कई सुरंग विशेषज्ञों को शामिल किया है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव कार्य में पूरी तरह से ध्यान दिया जा रहा है और कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। तेलंगाना के मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने इस मामले पर बात करते हुए कहा, “मैं बचने की संभावना का अनुमान नहीं लगा सकता, लेकिन अगर थोड़ी सी भी संभावना है, तो हम उन्हें बचाने की पूरी कोशिश करेंगे।”
राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि सुरंग ढहने के बाद आठ लोग फंसे हुए हैं, जिनमें चार मजदूर, दो कंपनी के कर्मचारी और दो अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बचाव कार्य को लेकर पूरी कोशिश की जा रही है और किसी भी प्रकार की चूक नहीं की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटनाक्रम पर चिंता जताई और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर को फोन कर मदद का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।
बचाव कार्य की निगरानी कर रहे अधिकारियों का कहना है कि यदि सुरंग के अंदर से इन मजदूरों को बचाने में सफलता मिलती है, तो यह एक बड़ी राहत की बात होगी। फिलहाल, स्थिति गंभीर बनी हुई है और पूरे देश की निगाहें इस बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं।
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