एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तों में नया मोड़: भारत में टेस्ला की एंट्री पर ट्रंप का तीखा बयान, व्हाइट हाउस ने मस्क को ‘बस एक कर्मचारी’ बताया

अमेरिकी राजनीति और व्यापार जगत में कई बार उलटफेर होते रहे हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के रिश्तों में यह हालिया बदलाव कुछ खास मायने रखता है। एक समय था जब एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव प्रचार के दौरान उनकी खुलकर समर्थन किया था, और ट्रंप ने सत्ता में आने के बाद मस्क को अपनी सरकार में एक अहम भूमिका दी थी। लेकिन अब, हाल के दिनों में डोनाल्ड ट्रंप ने एलन मस्क को दो बार जबर्दस्त झटके दिए हैं, जो व्यापार और राजनीति के गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं।

भारत में टेस्ला की एंट्री: ट्रंप का ताजा बयान

बीते हफ्ते, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी अमेरिका यात्रा पर थे, तब उन्होंने एलन मस्क से मुलाकात की थी, और यह मुलाकात टेस्ला के भारत में प्रवेश के लिए एक अहम संकेत साबित हुई। मुलाकात के बाद यह पक्का हो गया कि टेस्ला इंडिया में अपना कारोबार शुरू करने जा रही है, और जल्द ही भारत में टेस्ला ने हायरिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है, साथ ही अपने शोरूम खोलने की जगह भी तय कर ली है।

लेकिन इस कदम पर डोनाल्ड ट्रंप खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि यह कदम एलन मस्क के लिए गलत होगा। ट्रंप ने इस बारे में सार्वजनिक रूप से बयान दिया और टेस्ला इंडिया के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने शीन हैनिटी से इंटरव्यू के दौरान कहा, “यदि एलन मस्क भारत में एक फैक्ट्री लगाते हैं, तो यह हमारे साथ सही नहीं होगा, बल्कि यह एक बहुत बड़ी गलती होगी।” ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत 100 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी लगाता है, जिससे वहां कार बेचना मस्क के लिए अत्यंत कठिन होगा।

मस्क को ट्रंप की नसीहत: भारत में कार बेचना नामुमकिन

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान उनके एलन मस्क के प्रति असहमति को दर्शाता है। मस्क और ट्रंप दोनों ने पहले एक-दूसरे के समर्थन का इजहार किया था, लेकिन अब ट्रंप ने मस्क की महत्वाकांक्षाओं को रोकने की कोशिश की है। टेस्ला के भारत में कदम बढ़ाने से पहले, मस्क ट्रंप के साथ मिलकर योजना बना रहे थे, लेकिन अब ट्रंप ने उनका रुख बदलने का प्रयास किया है।

व्हाइट हाउस ने एलन मस्क को ‘बस एक कर्मचारी’ बताया

इस बीच, व्हाइट हाउस की तरफ से भी एलन मस्क को लेकर एक और दिलचस्प बयान सामने आया है। कई खबरें आ रही थीं कि ट्रंप प्रशासन में मस्क को अत्यधिक शक्ति दी गई है, लेकिन अब व्हाइट हाउस ने एक अदालत के दस्तावेज में यह साफ किया कि एलन मस्क को किसी भी प्रकार के आधिकारिक फैसले लेने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें बस एक कर्मचारी के रूप में काम करने का निर्देश दिया गया है।

यह बयान तब आया है जब मस्क के बारे में कई अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्हें ट्रंप प्रशासन में कुछ विशेष अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन अब व्हाइट हाउस ने इस आरोप को खारिज कर दिया।

एलन मस्क का अगला कदम क्या होगा?

इस सारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि एलन मस्क का अगला कदम क्या होगा? क्या वह टेस्ला के भारत में प्रवेश की योजना को फिर से जांचेंगे, या फिर वह ट्रंप के दबाव के बावजूद अपने फैसले पर कायम रहेंगे? फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन मस्क के लिए यह एक कठिन मोड़ साबित हो सकता है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तों में किस दिशा में बदलाव आता है, और क्या यह मस्क के व्यापारिक फैसलों पर कोई असर डालता है। ट्रंप के भारत में टेस्ला की फैक्ट्री पर की गई टिप्पणियों ने दोनों के रिश्तों को नई परिभाषा दी है, जो आने वाले दिनों में और भी गहरी हो सकती है।

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