योगी सरकार का ऐतिहासिक 9वां बजट: उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में 8 लाख करोड़ से अधिक का ऐलान, नई योजनाओं का सिलसिला
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज अपना 9वां बजट विधानसभा में पेश किया, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए राज्य के विकास और समृद्धि के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं। इस बार का बजट प्रदेश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है क्योंकि इसे 8 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक का रखा गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक प्रगति को और गति देने के लिए यह बजट ऐतिहासिक महत्व रखता है।
बजट का आकार और प्रमुख प्रावधान:
इस बजट का कुल आकार 8,08,736.06 करोड़ रुपये है, जिसमें 28,478.34 करोड़ रुपये की नई योजनाओं को भी शामिल किया गया है। यह बजट उत्तर प्रदेश के विकास के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है।
बजट में प्रमुख तौर पर आबकारी शुल्क से 63,000 करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा राज्य वस्तु एवं सेवा कर (GST) और मूल्य संवर्धित कर (VAT) से 1,30,425 करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
प्राप्तियां और स्रोत:
वित्त मंत्री ने बताया कि कुल प्राप्तियां 7,79,242.65 करोड़ रुपये अनुमानित हैं, जिसमें 6,62,690.93 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्तियां और 1,16,551.72 करोड़ रुपये की पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। इसमें कर राजस्व का हिस्सा 5,50,172.21 करोड़ रुपये रखा गया है, जिसमें राज्य का स्वयं का कर राजस्व 2,95,000 करोड़ रुपये है और केंद्र से मिलने वाले राज्य के हिस्से का हिस्सा 2,55,172.21 करोड़ रुपये है।
व्यय का अनुमान:
वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए कुल व्यय का अनुमान 8,08,736.06 करोड़ रुपये है। इसमें से 5,83,174.57 करोड़ रुपये राजस्व लेखे के खर्च हैं और 2,25,561.49 करोड़ रुपये पूंजी लेखे के खर्च के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह बजट राज्य के विकास को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नई योजनाओं का ऐलान:
इस बजट में 28,478.34 करोड़ रुपये की नई योजनाओं की शुरुआत की गई है, जिनका उद्देश्य राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति देना है। योगी सरकार ने पहले ही शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, और ग्रामीण विकास सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योजनाओं का ऐलान किया है।
आधिकारिक बयान:
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह बजट न केवल उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूती देगा, बल्कि यह हर नागरिक की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक होगा। उनका कहना था, “इस बजट का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक नागरिक को लाभ पहुंचाना है और उत्तर प्रदेश को प्रगति की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाना है।”
राज्य की आर्थिक प्रगति:
योगी सरकार का यह 9वां बजट प्रदेश में आर्थिक सुधार और सामाजिक कल्याण योजनाओं को लेकर एक नई शुरुआत का संकेत है। इस बजट के माध्यम से सरकार ने प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, और आवागमन से जुड़े क्षेत्रों में बड़े कदम उठाने का संकल्प लिया है।
राजस्व संग्रह और व्यय का संतुलन:
यह बजट प्रदेश के राजस्व संग्रह को बढ़ाने के साथ-साथ व्यय के संतुलन को भी ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। विशेष रूप से आबकारी शुल्क और GST से होने वाली आय में वृद्धि पर जोर दिया गया है, जिससे राज्य के विकास के लिए अधिक संसाधन जुटाए जा सकें।
उत्तर प्रदेश का यह बजट यह साफ करता है कि योगी सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने, रोजगार सृजन, और सामाजिक कल्याण योजनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले वर्षों में इस बजट के प्रभावी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
Share this content: