2025 के पहले 50 दिन में शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को हुआ 41 लाख करोड़ का नुकसान
नए साल के शुरुआती 50 दिन हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं, क्योंकि ये पूरे साल का ट्रेंड सेट करने का काम करते हैं। लेकिन 2025 के इस शुरुआती दौर ने भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एक अप्रत्याशित स्थिति पैदा कर दी है। इस साल के पहले 50 दिनों में ही निवेशकों को इतनी बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा है, जैसा शायद पिछले कुछ सालों में कभी नहीं हुआ। आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में अब तक शेयर बाजार में करीब 3.5 फीसदी की गिरावट देखी जा चुकी है, जिससे निवेशकों के कुल 41 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
अगर हम अक्टूबर 2024 से लेकर अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो तब से अब तक शेयर बाजार में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जो कि किसी भी निवेशक के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। जानकारों के मुताबिक, आने वाले दिनों में शेयर बाजार में और भी गिरावट देखने को मिल सकती है। आइए, इस पूरी स्थिति को आंकड़ों के माध्यम से और विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं।
सेंसेक्स की गिरावट का जायजा:
बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) का प्रमुख सूचकांक, सेंसेक्स, इस साल की शुरुआत से ही गिरावट का सामना कर रहा है। 31 दिसंबर 2024 को जब बाजार बंद हुआ था, तब सेंसेक्स 78,139.01 अंकों पर था। 20 जनवरी 2025 को यह गिरकर 75,546.17 अंकों पर आ गया, यानी इसमें 2,592.84 अंकों की गिरावट आई। इसका सीधा मतलब है कि सेंसेक्स में अब तक 3.32 फीसदी की गिरावट हो चुकी है। 20 फरवरी को भी सेंसेक्स में 363.32 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, और यह 75,568.35 अंकों पर कारोबार कर रहा था।
निफ्टी भी नहीं बच पाया:
अगर हम बात करें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रमुख सूचकांक, निफ्टी की, तो उसमें भी एक बड़ी गिरावट देखी जा चुकी है। 31 दिसंबर 2024 को निफ्टी 23,644.80 अंकों पर था, जो अब 20 फरवरी 2025 को 22,813.95 अंकों पर पहुंच चुका है, यानी इसमें 830 अंकों की गिरावट हो चुकी है। इस गिरावट का प्रतिशत 3.51 फीसदी के आसपास है। गुरुवार, 20 फरवरी को निफ्टी में 62.80 अंकों की गिरावट आई, और यह 22,870.10 अंकों पर कारोबार कर रहा था।
निवेशकों को हुआ भारी नुकसान:
निवेशकों की बात करें, तो उन्हें भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2024 को बीएसई का मार्केट कैप 4,41,95,106.44 करोड़ रुपये था, जो 20 फरवरी 2025 तक घटकर 4,00,65,487.87 करोड़ रुपये हो गया है। यानी निवेशकों को बीते 50 कारोबारी दिनों में 41,29,618.57 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
500 में से 447 कंपनियों में गिरावट:
2025 के पहले 50 दिनों में 500 लिस्टेड कंपनियों में से 447 कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट आई है। बीएसई 500 कंपनियों का मार्केट कैप 31 दिसंबर, 2024 को 387.18 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 353.31 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस गिरावट ने पूरी स्टॉक मार्केट को प्रभावित किया है और बीएसई 500 इंडेक्स अब तक 8 फीसदी गिर चुका है, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई है।
सबसे बड़ी गिरावट कहां देखने को मिली?
इस गिरावट का असर कुछ प्रमुख कंपनियों के मार्केट कैप पर भी पड़ा है। जीवन बीमा निगम (LIC), ट्रेंट, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), ज़ोमैटो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, सीमेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और वरुण बेवरेजेज जैसी कंपनियों के मार्केट कैप में भारी गिरावट आई है।
आईटीसी की बड़ी गिरावट:
आईटीसी की स्थिति और भी चिंताजनक है, जिसने इस साल अपने मार्केट कैप में 91,000 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट देखी है। यह गिरावट कंपनी के कमजोर कमाई और बाजार भावनाओं का परिणाम है, साथ ही इसके होटल कारोबार में कमी आने से भी यह गिरावट तेज हुई है।
डीमर्जर के बाद आई गिरावट:
आईटीसी की डीमर्जर प्रक्रिया के बाद, कंपनी का बाजार मूल्य घटकर 34,266.48 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, कई अन्य प्रमुख कंपनियों जैसे JIO फाइनेंशियल सर्विसेज, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL), अडानी एंटरप्राइजेज, और अन्य कंपनियों के मार्केट कैप में भी गिरावट देखने को मिली है।
क्या भविष्य में और गिरावट हो सकती है?
विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले दिनों में शेयर बाजार में और गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, और इस स्थिति में उनके लिए एक समझदारी से निवेश करने का समय है। क्या शेयर बाजार में यह गिरावट जारी रहेगी, या फिर इससे निवेशकों को उबरने का मौका मिलेगा? यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल यह स्थिति निवेशकों के लिए एक गंभीर चिंता का कारण बन चुकी है।
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