शेयर बाजार को पछाड़ते हुए सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया, 5 महीने में बाजी पलटने का कारण समझिए!
आज के समय में जब निवेशकों के बीच लगातार बदलाव हो रहे हैं, तो गोल्ड और शेयर बाजार के पिछले पांच महीनों के आंकड़े यह साफ़ संकेत दे रहे हैं कि बाजी कभी भी पलट सकती है। जहां एक ओर शेयर बाजार की ऊंचाई तेजी से गिरती जा रही है, वहीं सोने के दाम लगातार नई ऊंचाइयों को छूते जा रहे हैं।
सोने की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
गोल्ड ने हाल ही में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर एक नई ऊंचाई को छुआ है। 27 सितंबर 2024 को जहां सोने की कीमत 75,700 रुपए प्रति दस ग्राम थी, वहीं अब यह 86,500 रुपए के लेवल को पार कर चुका है। खास बात ये है कि सोने के दाम में 14 फीसदी से भी ज्यादा का इजाफा हुआ है। वहीं दूसरी ओर, शेयर बाजार का सेंसेक्स 85 हजार अंकों के लेवल से गिरकर अब 75 हजार अंक के आसपास आ चुका है, जो कि लगभग 12 फीसदी की गिरावट को दर्शाता है।
गोल्ड ने शेयर बाजार को पीछे छोड़ दिया
इस समय गोल्ड और शेयर बाजार की तुलना करना एक दिलचस्प विषय बन चुका है। जहां पहले शेयर बाजार के आंकड़े निवेशकों के लिए आत्मविश्वास और खुशी का कारण बनते थे, वहीं अब सोने ने इस खेल में बाजी पलट दी है। वायदा बाजार में गोल्ड के दाम ने पिछले दिनों में एक नई ऊंचाई हासिल की है, और इसका सीधा असर निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ा है।
गोल्ड के दाम 86,592 रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच गए थे, और अभी भी 86,462 रुपए प्रति दस ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। खास बात यह है कि फरवरी महीने में गोल्ड के दाम में 4,359 रुपए प्रति दस ग्राम का इजाफा देखने को मिला है। इसका मतलब है कि इस महीने गोल्ड ने अपने निवेशकों को 5.30 फीसदी का रिटर्न दिया है। 2025 की शुरुआत में ही गोल्ड ने अपने निवेशकों को 9,136 रुपए प्रति दस ग्राम का रिटर्न दिया है, जो कि लगभग 12 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी है।
निवेशकों के लिए गोल्ड अब बेहतर विकल्प
यह बदलती स्थिति सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में उभारती है। अगर हम पिछले पांच महीनों के आंकड़ों पर ध्यान दें तो साफ नजर आता है कि जब शेयर बाजार में उथल-पुथल और गिरावट देखी जा रही है, तो गोल्ड ने निरंतर बढ़त दर्ज की है। ऐसे में निवेशक अब गोल्ड को एक बेहतर और स्थिर विकल्प मानने लगे हैं।
क्या है कारण?
गोल्ड की इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और आर्थिक अस्थिरता है। भारत सहित दुनिया भर के बाजारों में महंगाई, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव, और वैश्विक संकटों के कारण सोने की मांग में वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही, निवेशक सोने को एक सुरक्षित और स्थिर निवेश के रूप में देख रहे हैं, जो उन्हें किसी भी आर्थिक उथल-पुथल से बचा सकता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
यह समय निवेशकों के लिए सोचने का है कि वह अपने निवेश पोर्टफोलियो में क्या बदलाव करें। जहां शेयर बाजार में अनिश्चितता का दौर जारी है, वहीं सोने ने यह साबित कर दिया है कि यह लंबे समय तक एक सुरक्षित और लाभकारी निवेश हो सकता है। निवेशकों को अब सोने के बाजार में अवसरों को समझकर अपना निवेश निर्णय लेने की जरूरत है।
गोल्ड के दाम में लगातार बढ़ोतरी के साथ, यह संकेत मिलता है कि भविष्य में भी सोने के बाजार में लाभ देखने को मिल सकता है।
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