महाकुंभ विवाद: ममता कुलकर्णी की महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा वापसी और बाबा बागेश्वर का तीखा बयान
प्रयागराज के महाकुंभ में बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनने पर एक विवाद खड़ा हो गया था। इस पर शंकराचार्य और बाबा बागेश्वर समेत कई संतों ने कड़ा विरोध जताया था। बाबा बागेश्वर ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि महामंडलेश्वर बनना आसान नहीं है, और इसका जवाब किन्नर अखाड़े के पास होगा।
वहीं, ममता कुलकर्णी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा था कि वह ‘नैपी धीरेंद्र शास्त्री’ हैं, और जितनी उम्र शास्त्री जी की है, उतनी ही उन्होंने तपस्या की है। इस बयान ने विवाद को और तूल दे दिया।
धीरेंद्र शास्त्री ने भी ममता के ‘नैपी बाबा’ कहने को गंभीरता से नहीं लिया और कहा कि वह बच्चों की तरह दिल और मन से हैं, और इसमें कोई बड़ी बात नहीं देखते। उनका मानना है कि लोग अक्सर एक दूसरे पर टिप्पणियां करते हैं, और उनके ऊपर तो पूरा देश टिप्पणी करता है।
ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा देने के बाद दो दिन बाद अपना इस्तीफा वापस ले लिया। एक वीडियो में ममता ने बताया कि उनके पट्टा गुरु डॉ. श्री आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने उन्हें समझाया, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा वापस लिया और साध्वी का जीवन जारी रखने का निर्णय लिया।
महाकुंभ में पिंडदान करने के बाद ममता ने किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर का पद ग्रहण किया था, लेकिन विवादों के चलते उन्होंने इसे छोड़ने का फैसला किया था। ममता ने कहा था कि वह हमेशा से साध्वी रही हैं और आगे भी वही रहेंगी।
इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के बयान आपस में टकरा रहे हैं, और मामला अब भी सुर्खियों में है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद का अंत कैसे होता है और क्या कोई समाधान निकलता है।
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