गाजीपुर में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर और उसके भतीजे पर बड़ा आरोप: उपभोक्ताओं से वसूली कर पैसे हड़पने का मामला!
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर और उसके भतीजे पर उपभोक्ताओं से पैसे हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। विभागीय अधिकारी वसूली के नाम पर लोगों को डरा-धमका कर पैसे लेते रहे, लेकिन उस राशि को विभाग में जमा नहीं किया। इस मामले में पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिससे विभागीय भ्रष्टाचार का नया मामला सामने आया है।
यह पूरा मामला गाजीपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के सकरताली गांव का है, जहां के निवासी राजकुमार ने जूनियर इंजीनियर योगेंद्र दानी और उसके भतीजे पिंटू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। राजकुमार का कहना है कि वह बिजली विभाग के मीटर यूनिट में तैनात योगेंद्र दानी का चालक था और अक्सर उनके साथ मीटर चेकिंग के लिए जाता था। इसी दौरान योगेंद्र दानी और उसका भतीजा पिंटू इलाके में वसूली करते थे और जो भी पैसा मिलता, वह दोनों खुद रख लेते थे।
राजकुमार ने आरोप लगाया कि उन्होंने और गांव के अन्य लोगों ने बिल जमा करने और चालान कटवाने के नाम पर जूनियर इंजीनियर और उसके भतीजे को पैसे दिए थे, लेकिन उन पैसों को विभाग में जमा नहीं किया गया। राजकुमार के अनुसार, उन्होंने आठ हजार रुपये, प्रवीण रावत ने नब्बे हजार रुपये, प्रभु ने तीस हजार रुपये और निरंजन राम ने सात हजार पांच सौ रुपये दिए थे, लेकिन वे पैसे विभाग तक नहीं पहुंचे।
राजकुमार और अन्य पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने उनसे पैसे ले तो लिए, लेकिन इसके बाद उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया और कोई जवाब नहीं दिया। एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद परेशान होकर राजकुमार ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
यह मामला विभागीय भ्रष्टाचार और वसूली के खतरनाक पहलू को उजागर करता है, जहां अधिकारी अपने पद का गलत इस्तेमाल कर आम लोगों से पैसे हड़प रहे थे। अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद देखा जाएगा कि आरोपियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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