April 29, 2026

लखनऊ में महिला वकील के खिलाफ झूठे केस में पैसे ऐंठने का मामला, बार काउंसिल ने रद्द किया रजिस्ट्रेशन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला वकील पर आरोप है कि उसने अधिकारियों को झूठे मुकदमों में फंसा कर मोटी रकम ऐंठी। यह मामला अब बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुका है, जिसने आरोपी महिला वकील के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है।

सहारनपुर की निवासी महिला वकील शालिनी के खिलाफ लखनऊ में FIR दर्ज की गई है। महिला पर आरोप है कि वह फर्जी शादी के सर्टिफिकेट के जरिए लोगों को धमकाकर पैसे ऐंठती थी। जो लोग उसकी बात नहीं मानते थे, उनके खिलाफ वह झूठे केस दर्ज करवा देती थी। एक ऐसा ही मामला तब सामने आया जब वाराणसी के सहायक अभियोजन अधिकारी दीपक कुमार ने शिकायत दर्ज कराई।

दीपक ने अपनी शिकायत में बताया कि शालिनी ने उनकी और अपनी शादी का एक फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया था। इसके आधार पर उसने दीपक से लाखों की डिमांड की थी। दीपक की शिकायत पर जब मामले की जांच की गई, तो पता चला कि यह शादी का सर्टिफिकेट पूरी तरह से झूठा था। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद बार काउंसिल ने शालिनी का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया और उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

दीपक ने बताया कि 20 दिसंबर 2024 को उन्हें यह जानकारी मिली कि उनकी शादी का रजिस्ट्रेशन ही नहीं था। शालिनी ने शादी का फर्जी दस्तावेज तैयार किया था, जिससे वह पैसे ऐंठने की योजना बना रही थी। शालिनी ने दीपक से 10 लाख रुपये की मांग की थी, और जब दीपक ने दबाव महसूस किया और समाज में बदनामी के डर से पैसे देने के लिए सहमति जताई, तो वह महिला वकील ने अगले दौर में और भी रकम की मांग की।

दीपक ने बताया कि इसके बाद शालिनी ने उनकी पत्नी के प्रेग्नेंट होने का फायदा उठाकर 35 लाख रुपये की मांग की। जब दीपक ने यह राशि देने से मना किया, तो शालिनी ने उन्हें धमकी दी और रेप के झूठे आरोप में फंसा दिया। इसके बाद दीपक ने मामले की शिकायत दर्ज कराई और मामला अब पुलिस जांच का हिस्सा बन गया है।

बार काउंसिल की जांच में इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ और महिला वकील के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। इस घटनाक्रम से यह सवाल खड़ा हो गया है कि न्यायपालिका में ऐसे लोग कैसे घुस सकते हैं, जो न केवल अपनी वकालत का दुरुपयोग करते हैं, बल्कि दूसरों की जिंदगी को भी खतरे में डालते हैं। महिला वकील का रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद अब यह मामला अदालत में जाएगा और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!