टीम इंडिया में फिर गहरे मतभेद, ऋषभ पंत की प्लेइंग इलेवन में गैरमौजूदगी पर उठे सवाल, क्या चीफ सेलेक्टर का बयान था गलत?
भारतीय क्रिकेट में इन दिनों विवादों का सिलसिला थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया की हार के बाद से ही कप्तान, कोच और चीफ सेलेक्टर के बीच आपसी मतभेदों की चर्चा जोर पकड़ चुकी है। चैंपियंस ट्रॉफी से ठीक पहले यह विवाद फिर से तूल पकड़ने लगा है, और इस बार के विवाद के केंद्र में हैं टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत और नागपुर में खेले गए पहले वनडे में उनका टीम में न होना।
क्या है असली विवाद? 6 फरवरी को नागपुर में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मैच में टीम इंडिया में विकेटकीपर के तौर पर केएल राहुल को उतारा गया, जबकि ऋषभ पंत को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी गई। यह एक बड़ा सवाल था, क्योंकि पिछले कुछ समय से इस फॉर्मेट में केएल राहुल ही टीम इंडिया के विकेटकीपर रहे हैं। और वर्ल्ड कप 2023 के दौरान भी, पंत की गैरमौजूदगी में राहुल ने शानदार प्रदर्शन किया था। अब चूंकि यह सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी राहुल को विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर शामिल किया गया है, तो सवाल उठता है कि टीम इंडिया का असली विकेटकीपर कौन है? क्या यह केएल राहुल हैं या फिर यह जिम्मेदारी ऋषभ पंत के पास है?
क्या अजीत अगरकर का बयान था गलत? इस विवाद में एक और पहलू जुड़ता है। जब 19 जनवरी को टीम इंडिया का ऐलान हुआ था, तब चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और कप्तान रोहित शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पंत ही इस समय टीम इंडिया के नंबर-1 विकेटकीपर हैं और उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी और वनडे सीरीज के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। अगरकर के इस बयान से यह साफ था कि पंत को ही विकेटकीपर की भूमिका दी जाएगी, जबकि केएल राहुल को मिडिल ऑर्डर में जगह मिल सकती थी। लेकिन अब सवाल उठता है कि अगर अजीत अगरकर ने पंत को प्राथमिकता दी थी, तो फिर उन्हें पहले वनडे में क्यों नहीं खिलाया गया? क्या यह फैसला कोच और कप्तान की ओर से अनसुना किया गया? या फिर चीफ सेलेक्टर ने खुद से बयान दिया था जो अब सही साबित नहीं हो रहा है?
कोच और कप्तान की राय में फर्क? यह स्थिति तब और भी उलझी हुई नजर आती है, जब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि चीफ सेलेक्टर अगरकर और कोच गौतम गंभीर के बीच पंत को लेकर असहमति है। अगर दोनों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद हैं, तो क्या यह असहमति टीम के अंदर एक और विवाद को जन्म दे सकती है?
वर्तमान में टीम इंडिया के अंदर इस मामले से जुड़ी कई अटकलें चल रही हैं, और यह साफ है कि पंत को लेकर इस फैसले के बाद से अनबन और चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मैचों में क्या टीम इंडिया का मैनेजमेंट इस मामले को हल करने में सफल होता है या फिर यह विवाद आगे बढ़ता है।
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