सौतेली मां की हैवानियत: 4 साल के मासूम को गरम तवे पर बैठाया, 5 दिन तक दर्द सहता रहा बच्चा
गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। एक सौतेली मां ने अपनी क्रूरता की हदें पार करते हुए महज चार साल के मासूम को जलते तवे पर बैठा दिया। बच्चा दर्द से कराहता रहा, मगर किसी से कुछ कह नहीं सका। पांच दिन तक वह खामोशी से अपनी पीड़ा सहता रहा, लेकिन जब उसके पिता को इस भयावह सच का पता चला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
बेटे को घर पर छोड़ नौकरी पर जाता था पिता
घटना गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र के डीएलएफ कॉलोनी की है। यहां रहने वाले राजेश की पहली पत्नी से तलाक हो चुका था, लेकिन उनका चार साल का बेटा गीतांशु उन्हीं के साथ रहता था। कुछ समय बाद राजेश ने दूसरी शादी कर ली। उसकी नई पत्नी तलाकशुदा थी और उसकी एक सात साल की बेटी भी थी।
राजेश प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था और रोजाना काम पर जाता था। इसी दौरान घर में उसकी दूसरी पत्नी बच्चे पर जुल्म करती थी। वह गीतांशु को मारती-पीटती और धमकाती थी कि अगर उसने किसी से कुछ कहा, तो उसके पिता को पुलिस पकड़कर ले जाएगी। डर के मारे मासूम चुप रहता और अपनी तकलीफ किसी से साझा नहीं करता।
लड्डू खाने की सजा: तपते तवे पर बैठा दिया
30 जनवरी को सौतेली मां और उसकी बेटी पास में ही रहने वाली सास के घर गई थीं। इस दौरान घर में रखा एक लड्डू गीतांशु ने चुपके से खा लिया। जब वे दोनों वापस आईं और लड्डू नहीं मिला, तो सौतेली मां आगबबूला हो गई। उसने बच्चे को बेरहमी से पीटा और फिर क्रूरता की हदें पार करते हुए चूल्हे पर तवा गर्म किया। मासूम को जबरन पकड़कर बिना कपड़ों के जलते तवे पर बैठा दिया।
तवे की आग से बच्चा चीख उठा, मगर सौतेली मां ने उसे धमकाते हुए कहा कि अगर उसने किसी को कुछ बताया, तो अंजाम बुरा होगा। मासूम दर्द से तड़पता रहा, मगर उसने किसी को कुछ नहीं बताया।
पिता ने देखा तो कांप उठा दिल
5 फरवरी को जब राजेश घर आया और उसने बेटे के कपड़े बदले, तो उसकी हालत देखकर कांप उठा। मासूम के शरीर पर जले के गहरे निशान थे। जब उसने बेटे से पूछा, तो गीतांशु ने डर-डर कर सारी कहानी सुना दी। यह सुनकर राजेश के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने तुरंत बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मां-बेटी हिरासत में, पुलिस कर रही पूछताछ
राजेश की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी महिला और उसकी बेटी को हिरासत में ले लिया है। एसीपी सलोनी अग्रवाल ने बताया कि मां-बेटी से पूछताछ जारी है। बच्चे का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस अमानवीय घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी बच्चे के साथ बुरा व्यवहार होते देखा था, मगर इस हद तक जुल्म किया जा रहा था, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।
बड़ा सवाल: कब तक मासूम झेलेंगे ऐसी दरिंदगी?
यह घटना सिर्फ एक बच्चे की नहीं, बल्कि समाज के उस घिनौने चेहरे को दिखाती है, जहां निर्दोष बच्चों को शोषण और हिंसा का शिकार बनाया जाता है। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज और प्रशासन क्या कदम उठा रहे हैं? जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
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