गणतंत्र दिवस पर खरगे का संदेश: संविधान पर हमले और बढ़ती असमानता पर जताई चिंता
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्र के नाम संदेश में संविधान की रक्षा का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय गणराज्य की 75वीं वर्षगांठ पर महात्मा गांधी, डॉ. अंबेडकर, पंडित नेहरू, सरदार पटेल और स्वतंत्रता संग्राम के सभी नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश के संविधान और लोकतंत्र पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की।
संविधान और संस्थानों पर खतरे का दावा
खरगे ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार संविधान के सिद्धांतों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता का हनन हो रहा है, विपक्ष शासित राज्यों के अधिकार छिन रहे हैं, और असहमति की आवाज को दबाया जा रहा है।
धार्मिक कट्टरवाद और असमानता पर निशाना
खरगे ने बढ़ते धार्मिक कट्टरवाद और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर सरकार को घेरा। उन्होंने मणिपुर हिंसा और कमजोर वर्गों के साथ हो रहे अन्याय को लेकर सरकार की उदासीनता पर सवाल उठाए।
आर्थिक असमानता और युवाओं के मुद्दे पर हमला
खरगे ने आर्थिक असमानता, बेरोजगारी और बढ़ते टैक्स बोझ का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार वंचित युवाओं के भविष्य से खेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के संसाधनों को चुनिंदा अमीरों को सौंपा जा रहा है।
संविधान की रक्षा का आह्वान
खरगे ने नागरिकों से संविधान के मूल्यों – न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व – की रक्षा के लिए तैयार रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यही हमारे गणराज्य और इसके संस्थापकों को सच्ची श्रद्धां
जलि होगी।
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