24 साल से लापता शख्स महाकुंभ में अचानक मिला—साधु के वेश में पहचान चौंकाने वाली!
प्रयागराज: महाकुंभ मेले में इस बार एक चमत्कारी घटना घटी, जिसने सभी को हैरान कर दिया। कर्नाटक के विजयपुरा जिले के बलूती गांव के रमेश चौधरी, जो 24 साल पहले लापता हो गए थे, अचानक महाकुंभ में अपने परिजनों से मिल गए।
कैसे हुआ चौंकाने वाला खुलासा?
रमेश चौधरी 2001 में घर से लापता हो गए थे। परिवार ने उन्हें काफी खोजा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। महाकुंभ के दौरान बलूती गांव के ही मल्लनगौड़ा पाटिल जब प्रयागराज पहुंचे, तो उन्हें एक साधु के वेश में कोई परिचित नजर आया।
मल्लनगौड़ा ने ध्यान से देखा और कन्नड़ में बातचीत शुरू की। जब साधु ने जवाब दिया, तो पता चला कि वह कोई और नहीं बल्कि 24 साल पहले लापता हुए रमेश चौधरी ही थे!
एक शहर से दूसरे शहर भटकते रहे रमेश
रमेश ने बताया कि वे घर का रास्ता भटक गए थे और कई सालों तक अलग-अलग शहरों में भटकते रहे। पटना में सड़कों पर डामर बिछाने का काम भी किया। कई बार घर लौटने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे।
वीडियो कॉल से हुई पहचान, गांव में जश्न!
मल्लनगौड़ा ने रमेश की वीडियो कॉल के जरिए परिवार से बात करवाई। जब पुष्टि हो गई कि ये वही रमेश हैं, तो उन्हें गाड़ी से वापस बलूती गांव ले जाया गया।
24 साल बाद रमेश को देख पूरा गांव खुशी से झूम उठा! उनके घर लौटने पर परिवार ने जोरदार स्वागत किया। महाकुंभ में मिले इस “खोए हुए बेटे” की कहानी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
क्या यह महाकुंभ का चमत्कार
था या महज एक संयोग?
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