April 17, 2026

स्वाइन फ्लू का कहर: 8 राज्यों में तेज़ी से फैल रहा संक्रमण, केरल में सबसे ज़्यादा मौतें

नई दिल्ली: देश में स्वाइन फ्लू (एच1एन1 वायरस) का संक्रमण एक बार फिर से अपने पैर पसार रहा है। हालात इस कदर गंभीर हो चुके हैं कि जनवरी 2025 में ही 16 राज्यों में 516 लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की रिपोर्ट के अनुसार, संक्रमण के कारण 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से अकेले 4 मौतें केरल में हुई हैं। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी 1-1 मरीज की जान गई है।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा?

स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय दिल्ली, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक हैं। संक्रमण पर काबू पाने के लिए NCDC ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, कर्नाटक और दिल्ली में निगरानी बढ़ाने की सिफारिश की है।

राज्यवार मामलों की बात करें तो:

  • तमिलनाडु में सबसे ज्यादा 209 मरीज मिले हैं।
  • कर्नाटक में 76 लोग संक्रमित हुए हैं।
  • केरल में 48 केस सामने आए हैं।
  • जम्मू-कश्मीर में 41 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
  • दिल्ली में 40, पुडुचेरी में 32, महाराष्ट्र में 21 और गुजरात में 14 मामले दर्ज किए गए हैं।

2024 में 347 मौतें, 2019 में था सबसे बड़ा प्रकोप

NCDC की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में स्वाइन फ्लू के 20,414 केस दर्ज किए गए थे, जिनमें 347 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, 2019 में स्थिति और भी भयावह थी, जब 28,798 लोग संक्रमित हुए थे और 1,218 मरीजों की मौत हुई थी

संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम

स्वास्थ्य मंत्रालय पहले ही इस बीमारी से निपटने के लिए टास्क फोर्स का गठन कर चुका है। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, NCDC, ICMR, दिल्ली AIIMS, PGI चंडीगढ़, NIMHANS बेंगलुरु, विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी विभाग समेत कई बड़े संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं।

स्वाइन फ्लू के लक्षण और संक्रमण का तरीका

एच1एन1 वायरस पहले केवल सूअरों को संक्रमित करता था, लेकिन अब यह इंसानों को भी तेजी से प्रभावित कर रहा है। इसके लक्षणों में शामिल हैं:
बुखार
थकान और कमजोरी
भूख न लगना
गले में खराश और खांसी
उल्टी और दस्त

यह वायरस मुख्य रूप से ऊपरी और मध्य श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और कोरोना वायरस की तरह ही एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में आसानी से फैल सकता है। भारत में पहली बार 2009 में इसका मामला दर्ज किया गया था, और तब से यह कई बार जानलेवा रूप ले चुका है।

कैसे बचें इस संक्रमण से?

विशेषज्ञों का कहना है कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए मास्क पहनना, हाथों को बार-बार धोना और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, जिन लोगों को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए।

सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां इस संक्रमण को रोकने के लिए लगातार कोशिशें कर रही हैं, लेकिन लोगों को भी सतर्क रहना होगा। अगर किसी को इसके लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और लापरवाही न बरतें।

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