शशि थरूर की सियासी उलझन: कांग्रेस छोड़ेंगे या नई राह चुनेंगे?
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और चार बार के सांसद शशि थरूर इन दिनों अपनी सियासी भूमिका को लेकर असमंजस में हैं। पार्टी में खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थरूर ने राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी नजरअंदाजी की शिकायत की, लेकिन खाली हाथ लौटने के बाद अब उनके बागी तेवर सामने आ रहे हैं।
थरूर की बयानबाज़ी से कांग्रेस में हलचल!
हाल ही में पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे की तारीफ और फिर केरल की लेफ्ट सरकार की नीतियों की सराहना के बाद कांग्रेस के भीतर थरूर को लेकर असहजता बढ़ गई है। थरूर ने खुलकर कह दिया है कि “अगर पार्टी को मेरी जरूरत नहीं, तो मेरे पास दूसरे विकल्प हैं।” उनके इस बयान से राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म हो गया है—क्या थरूर लेफ्ट का दामन थामेंगे, बीजेपी में जाएंगे या अपनी खुद की पार्टी बनाएंगे?
बीजेपी में जाएंगे थरूर?
तिरुवनंतपुरम से चार बार के सांसद थरूर की बीजेपी में जाने की अटकलें इसलिए भी तेज हैं क्योंकि यह सीट पिछले तीन चुनावों में बीजेपी के लिए मजबूत रही है। 2024 में भी थरूर मात्र 16,077 वोटों से बीजेपी उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर को हरा सके थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर थरूर बीजेपी में जाते हैं तो उनके लिए यहां से जीतना आसान हो सकता है।
हालांकि, बीजेपी के हिंदुत्ववादी एजेंडे से वैचारिक मतभेद के चलते थरूर ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा, “मैं सांप्रदायिक राजनीति का विरोधी हूं और सामाजिक न्याय में विश्वास रखता हूं।”
क्या थरूर लेफ्ट में होंगे शामिल?
बीजेपी से दूरी बनाए रखने के बावजूद थरूर का केरल की वामपंथी सरकार के लिए नरम रुख चर्चा में है। हाल ही में उन्होंने पिनराई विजयन सरकार की औद्योगिक नीति की तारीफ करते हुए कहा कि केरल “तकनीकी और औद्योगिक बदलाव का नेतृत्व” करने की स्थिति में है। इसके बाद लेफ्ट नेताओं ने भी संकेत दिए हैं कि अगर थरूर कांग्रेस छोड़ते हैं तो वामपंथी गठबंधन (LDF) उनका स्वागत कर सकता है।
थरूर क्या गुलाम नबी आज़ाद की राह पर चलेंगे?
अगर थरूर कांग्रेस और लेफ्ट—दोनों से दूरी बनाते हैं, तो उनके पास गुलाम नबी आज़ाद की तरह अपनी पार्टी बनाने का विकल्प भी है। थरूर का शहरी वोट बैंक मजबूत है और केरल में उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता भी काफी अधिक है। अगर वह अपनी अलग पार्टी बनाते हैं, तो कांग्रेस को गंभीर नुकसान हो सकता है।
कौन-सी राह चुनेंगे शशि थरूर?
थरूर की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को देखते हुए सवाल उठता है कि क्या वह कांग्रेस के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे या नई राह चुनेंगे? क्या वे लेफ्ट के साथ जाएंगे, बीजेपी में शामिल होंगे, या अपनी अलग पार्टी बनाएंगे? फिलहाल, थरूर ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन उनका अगला कदम कांग्रेस की राजनीति में
बड़ा बदलाव ला सकता है।
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