बांग्लादेश-भारत संबंधों में तनाव: नई दिल्ली ने ढाका को दिया कड़ा संदेश
नई दिल्ली/ढाका – भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में हालिया घटनाओं के चलते नया मोड़ आ गया है। शुक्रवार को भारत सरकार ने बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की सरकार को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि वह भारत के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाना बंद करे। भारत ने साफ किया कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा भारत से दिए गए बयान को नई दिल्ली की आधिकारिक नीति से जोड़कर गलत धारणा न बनाई जाए।
सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश में भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बढ़े को ढाका में तलब किए जाने के जवाब में, नई दिल्ली ने ढाका के कार्यवाहक दूत नूरल इस्लाम को विदेश मंत्रालय में बुलाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारतीय अधिकारियों ने बांग्लादेश में हो रहे बयानों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए हानिकारक बताया।
शेख हसीना के आरोप और बढ़ता विवाद
बुधवार को बांग्लादेश में एक उग्र भीड़ ने 1971 के मुक्ति संग्राम के नायक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के ऐतिहासिक आवास को ध्वस्त कर दिया। इस घटना के बाद, भारत से दिए गए एक वर्चुअल संबोधन में शेख हसीना ने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस और उनकी सरकार उनकी और उनकी बहन शेख रेहाना की हत्या की साजिश रच रही है।
शेख हसीना, जो 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण देश छोड़ने को मजबूर हुई थीं, भारत में रह रही हैं। वहीं, मोहम्मद यूनुस ने 8 अगस्त को बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ ली।
भारत ने दिया दो टूक जवाब
नई दिल्ली ने साफ किया कि शेख हसीना की ओर से किए गए बयान उनकी व्यक्तिगत राय है और इसे भारत की आधिकारिक नीति से जोड़कर देखना गलत होगा। भारत ने एक राजनयिक नोट में यह भी कहा कि वह बांग्लादेश के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संबंध बनाए रखने के पक्ष में है, लेकिन ढाका को भी इस प्रक्रिया में जिम्मेदारी से भाग लेना होगा और नकारात्मकता से बचना होगा।
क्या बांग्लादेश-भारत संबंधों में आएगा नया मोड़?
बांग्लादेश में बदले राजनीतिक परिदृश्य और शेख हसीना के आरोपों के बीच दोनों देशों के रिश्तों में अनिश्चितता बढ़ गई है। क्या दोनों पड़ोसी देश इस राजनयिक तनाव को सुलझाने में सफल होंगे, या आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराएगा? यह दे
खना दिलचस्प होगा।
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