धमकी के बाद रायपुर में इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, सुरक्षा एजेंसियां जुटीं जांच में, यात्रियों को बाहर निकाला
भारत में विमानों को बम से धमकी मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, और इस बार छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक और इंडिगो फ्लाइट को बम की धमकी मिलने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। यह घटना नागपुर से कोलकाता जा रही फ्लाइट में हुई, जब विमान के भीतर बम की सूचना मिली। इसके बाद एयरपोर्ट पर तत्काल सुरक्षा उपायों को लागू करते हुए फ्लाइट को रायपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया और सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकाले गए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जांच जारी
बम की धमकी मिलते ही रायपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया। फ्लाइट की लैंडिंग के बाद यात्रियों को विमान से बाहर निकालने के बाद विमान को पूरी तरह से खाली कर दिया गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते को बुलाकर विमान की जांच शुरू कर दी गई। जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि विमान में कोई विस्फोटक सामग्री तो नहीं है। रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि इस मामले में कुल 187 यात्री और 6 चालक दल के सदस्य थे, जिन्हें पूरी सुरक्षा के साथ एयरपोर्ट से बाहर निकाला गया।
फ्लाइट संचालन पर असर, उड़ानें प्रभावित
फ्लाइट में बम की धमकी के कारण रायपुर एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए उड़ानें प्रभावित हुईं। हालांकि, विमान की पूरी जांच के बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन इस घटना के बाद यात्रियों और एयरलाइनों में खौफ का माहौल बना हुआ है। इस बीच, जांच टीमों ने यह भी ध्यान दिया है कि इन धमकियों के पीछे किसका हाथ हो सकता है, और ये कृत्य आखिरकार क्यों किए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी, सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने लगातार मिल रही धमकियों को लेकर चिंता जताई और कहा कि इन फर्जी खतरों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां, कानून प्रवर्तन शाखाएं, और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीमें लगातार जांच में जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सरकार एविएशन सुरक्षा कानूनों में बदलाव पर भी विचार कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां भी कर रही तफ्तीश
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस धमकी के मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि इस तरह के झूठे धमकी कॉल्स से विमानन उद्योग को होने वाली क्षति को रोका जा सके। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से न केवल नागरिकों का मनोबल प्रभावित होता है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा और विमानन संचालन पर भी सवाल उठते हैं।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है और अधिकारियों ने फ्लाइटों की सुरक्षा के लिए नई नीतियों को लागू करने का इरादा जताया है।
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