मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का असर अब खेल जगत पर भी दिखाई देने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे कई देशों में उड़ानों के संचालन में बाधा आई है और बड़ी संख्या में यात्री एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं। इसी स्थिति को देखते हुए आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने खिलाड़ियों, अधिकारियों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। टूर्नामेंट के बीच बदलते हालात को ध्यान में रखते हुए आईसीसी ने यात्रा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े बैकअप प्लान पर काम शुरू कर दिया है।
दरअसल, अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिसका सीधा असर दुबई जैसे प्रमुख ट्रांजिट हब पर देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट में शामिल खिलाड़ी, टीम अधिकारी, मैच रेफरी, ब्रॉडकास्ट टीम और आयोजन से जुड़े कर्मचारी अक्सर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के लिए ऐसे हब का इस्तेमाल करते हैं। मौजूदा हालात में उड़ानों के प्रभावित होने से उनकी आवाजाही और घर वापसी में दिक्कतें आने की आशंका जताई जा रही है। इसी कारण आईसीसी ने वैकल्पिक यात्रा मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक एयरलाइंस के साथ समन्वय शुरू कर दिया है।
हालांकि आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति का टूर्नामेंट के आयोजन पर कोई सीधा असर नहीं पड़ा है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका में संयुक्त रूप से किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 7 फरवरी से हुई थी और फाइनल मुकाबला 8 मार्च को खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं और अब प्रतियोगिता अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सेमीफाइनल और फाइनल सहित सभी नॉकआउट मुकाबले भारत में आयोजित किए जाएंगे, क्योंकि श्रीलंका और पाकिस्तान की टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हैं।
खिलाड़ियों और स्टाफ की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आईसीसी ने अपनी यात्रा, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा टीमों को 24 घंटे सक्रिय कर दिया है। ये टीमें लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं और प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाश रही हैं। परिषद ने यूरोप, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के माध्यम से नए कनेक्शन विकल्पों की पहचान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ बातचीत तेज कर दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल व्यवस्था की जा सके।
इसके अलावा आईसीसी के सुरक्षा सलाहकार संबंधित देशों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और हालात के अनुसार दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं। खिलाड़ियों और स्टाफ की सहायता के लिए एक विशेष ट्रैवल हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है, जो आपात स्थिति में तुरंत सहयोग प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों पर भी पड़ने लगा है, ऐसे में आईसीसी का यह कदम खिलाड़ियों की सुरक्षा और टूर्नामेंट के सुचारू संचालन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
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