भारत के रत्न और आभूषण निर्यात में बढ़ोतरी, फरवरी में कारोबार 2.68 अरब डॉलर तक पहुंचा
भारत के जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर से जुड़ी संस्था Gem and Jewellery Export Promotion Council (GJEPC) के अनुसार फरवरी 2026 में देश के रत्न और आभूषण निर्यात में 3.86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान कुल निर्यात बढ़कर 2,680.79 मिलियन डॉलर (करीब 24,340 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया, जबकि फरवरी 2025 में यह 2,581.08 मिलियन डॉलर था। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार के कारण यह वृद्धि देखने को मिली है।
GJEPC के चेयरमैन Kirit Bhansali ने बताया कि वैश्विक स्तर पर बदलती व्यापार नीतियों, भू-राजनीतिक तनाव और उपभोक्ताओं की बदलती पसंद के कारण पिछले वर्ष जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद भारतीय उद्योग ने मजबूती दिखाई और निर्यातकों ने नए बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति अपनाई।
उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के कारण भारतीय आभूषणों की मांग बढ़ी है। इसके अलावा हांगकांग जैसे प्रमुख बाजारों से भी निर्यात को लगातार समर्थन मिलता रहा है। अमेरिका की टैरिफ नीति में हुए कुछ बदलावों से जड़े हुए आभूषणों के निर्यात को भी आंशिक राहत मिली है, हालांकि कुछ उत्पादों पर अंतिम शुल्क को लेकर अभी स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार फरवरी में कटे और तराशे हुए हीरों के निर्यात में हल्की गिरावट आई, जो 1,362.67 मिलियन डॉलर से घटकर 1,351.17 मिलियन डॉलर रह गया। वहीं लैब-ग्रोन पॉलिश्ड हीरों का निर्यात 1.85 प्रतिशत बढ़कर 113.74 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इसके अलावा सोने के आभूषणों के निर्यात में 3.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि चांदी के आभूषणों के निर्यात में 123 प्रतिशत से ज्यादा की तेज वृद्धि देखी गई।
GJEPC के मुताबिक अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच भारत का कुल जेम्स और ज्वेलरी निर्यात लगभग स्थिर रहा और यह 25,933.72 मिलियन डॉलर दर्ज किया गया। उद्योग से जुड़े निर्यातक वैश्विक व्यापार स्थितियों और पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि आपूर्ति श्रृंखला और व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित होने से बचाया जा सके।
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