April 17, 2026
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25 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की शुक्ल नवमी तिथि है। आज कुंभ राशि में सूर्यदेव, मंगलदेव, बुधदेव और शुक्रदेव के साथ राहु का विशेष योग बना हुआ है, जो आपकी संवाद शैली और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने की अच्छी संभावना दिखा रहा है।

 

चंद्रदेव आज वृषभ राशि के रोहिणी नक्षत्र में हैं, जो आपके स्वभाव में रचनात्मकता और शांत मन का संचार करेंगे। क्योंकि रोहिणी नक्षत्र के देवता ‘ब्रह्मा’ हैं, इसलिए आज का दिन नए सृजन और व्यापारिक सौदों के लिए बहुत अच्छा है। बुध आज के राशि स्वामी होने के कारण आपकी बातचीत में निपुणता लाएंगे, जिससे रुके हुए काम गति पकड़ेंगे।

 

आज रात्रि 01:28 तक ‘विष्कम्भ’ योग रहेगा, जो किसी भी कार्य को मजबूती प्रदान करने के लिए शुभ है। अपने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रातः 10:38 से दोपहर 12:08 तक के अमृत काल का सदुपयोग करें, क्योंकि इस समय की गई शुरुआत लंबे समय तक सफलता और स्थिरता प्रदान करती है। दोपहर 12:34 से 02:00 बजे तक राहुकाल रहेगा, इसलिए इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय या वाद-विवाद से बचें।

 

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि: शुक्ल नवमी – रात्रि 02:40 बजे (26 फरवरी) तक

योग: विष्कम्भ – रात्रि 01:28 बजे (26 फरवरी) तक

करण: बालव – दोपहर 03:45 बजे तक

करण: कौलव – रात्रि 02:40 बजे (26 फरवरी) तक

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06:50 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:18 बजे

चंद्रोदय का समय: प्रातः 11:52 बजे

चंद्रास्त का समय: रात्रि 02:46 बजे (26 फरवरी)

 

समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे)

सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

चन्द्र देव: वृषभ राशि में स्थित हैं।

मंगल देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं।

शुक्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं।

राहु: कुंभ राशि में स्थित हैं।

केतु: सिंह राशि में स्थित हैं।

 

आज के शुभ मुहूर्त

अमृत काल: प्रातः 10:38 बजे से दोपहर 12:08 बजे तक

अमृत काल: प्रातः 03:55 बजे से प्रातः 05:25 बजे (26 फरवरी) तक

 

आज के अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 12:34 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक

गुलिकाल: प्रातः 11:08 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक

यमगण्ड: प्रातः 08:16 बजे से प्रातः 09:42 बजे तक

 

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव रोहिणी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

रोहिणी नक्षत्र: दोपहर 01:38 बजे तक।

नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव

राशि स्वामी: शुक्रदेव

देवता: ब्रह्मा या प्रजापति

प्रतीक: बैलगाड़ी का पहिया

 

सामान्य विशेषताएं: कलात्मक, रचनात्मक, रोमांटिक, कुशल व्यापारी, विलासी, जिद्दी, व्यावहारिक, जमीन से जुड़े, प्रभावशाली आंखें, ईमानदार, सत्यवादी, दानी, बातचीत में माहिर, एकाग्र और शांत मन।

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