May 31, 2026
InShot_20250331_120607813-1-768x432-1

22 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की शुक्ल पंचमी तिथि है। आज कुंभ राशि में सूर्यदेव, बुधदेव, शुक्रदेव और राहु की युति आपकी निर्णय लेने की शक्ति को निखार रही है। चंद्रदेव आज मेष राशि के अश्विनी नक्षत्र में हैं, जो आपको तेज बुद्धि और नया साहस प्रदान करेंगे। मकर राशि में स्थित उच्च के मंगलदेव आपके लक्ष्यों को पाने की राह में आने वाली बाधाओं को दूर कर आपको साहसी बनाए रखेंगे।

 

आज ‘शुक्ल’ योग का प्रभाव रहेगा, जो मन में प्रसन्नता और कार्यों में स्पष्टता लाता है। अश्विनी नक्षत्र के देवता ‘अश्विनी कुमार’ (देवताओं के चिकित्सक) हैं, इसलिए आज स्वास्थ्य संबंधी सुधारों के लिए दिन बहुत शुभ है।

 

अपने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रातः 11:04 से दोपहर 12:35 तक के अमृत काल का उपयोग करें, क्योंकि इस समय में किए गए कार्य अमृत के समान फलदायी होते हैं। इसके साथ ही दोपहर 12:12 से 12:58 तक का अभिजीत मुहूर्त भी श्रेष्ठ है। सायं 04:51 से 06:16 तक राहुकाल रहेगा, इस समय थोड़ा संयम बरतें और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या क्रोध से बचें।

 

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि: शुक्ल पंचमी – प्रातः 11:09 बजे तक, फिर षष्ठी

योग: शुक्ल – दोपहर 01:09 बजे तक

करण: बालव – प्रातः 11:09 बजे तक

करण: कौलव – रात्रि 10:10 बजे तक

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06:53 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:16 बजे

चंद्रोदय का समय: प्रातः 09:32 बजे

चंद्रास्त का समय: रात्रि 11:22 बजे

 

समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे)

सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

चन्द्र देव: मेष राशि में स्थित हैं।

मंगल देव: मकर राशि में स्थित हैं।

बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं।

शुक्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं।

राहु: कुंभ राशि में स्थित हैं।

केतु: सिंह राशि में स्थित हैं।

 

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक

अमृत काल: प्रातः 11:04 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक

 

आज के अशुभ समय

राहुकाल: सायं 04:51 बजे से सायं 06:16 बजे तक

गुलिकाल: दोपहर 03:25 बजे से सायं 04:51 बजे तक

यमगण्ड: दोपहर 12:35 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक

 

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव अश्विनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

अश्विनी नक्षत्र: सायं 05:54 बजे तक

नक्षत्र स्वामी: केतु

राशि स्वामी: मंगलदेव

देवता: अश्विनी कुमार (देवताओं के चिकित्सक)

प्रतीक: घोड़े का सिर

सामान्य विशेषताएं: आकर्षक, सुंदर, आभूषण-प्रेमी, तेज बुद्धि, शांत, साहसी, बलवान, स्वस्थ, फुर्तीला, आत्मविश्वासी, खेल-प्रेमी, आक्रामक, क्रोधी।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!