अजीत पवार प्लेन हादसे पर सियासत तेज, रोहित पवार ने ब्लैक बॉक्स से छेड़छाड़ और साजिश का लगाया आरोप
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की 28 जनवरी 2026 को हुई विमान दुर्घटना के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस हादसे को लेकर उनके भतीजे और नेता रोहित पवार ने गंभीर सवाल उठाते हुए इसे दुर्घटना नहीं बल्कि साजिश करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि हादसे से जुड़े कई भौतिक सबूत ऐसे हैं, जो आधिकारिक दावों पर संदेह पैदा करते हैं। रोहित पवार ने इस पूरे मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि घटना से जुड़े कई पहलुओं को छिपाने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई स्थित वाईबी चव्हाण सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने दुर्घटना से पहले और बाद की घटनाओं का विस्तृत ब्यौरा साझा किया। उन्होंने कहा कि विमान के ब्लैक बॉक्स और वॉयस रिकॉर्डर को लेकर सामने आई जानकारी संदिग्ध है। कुछ रिपोर्टों में ब्लैक बॉक्स को मामूली नुकसान पहुंचने की बात कही गई थी, लेकिन रोहित पवार ने दावा किया कि इसके साथ छेड़छाड़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि हादसे की सच्चाई सामने लाने के लिए तकनीकी जांच और स्वतंत्र एजेंसियों की भूमिका बेहद जरूरी है।
रोहित पवार ने बताया कि दुर्घटना स्थल के आसपास कई दस्तावेज और कागजात बिना जले हुए मिले, जबकि ब्लैक बॉक्स के क्षतिग्रस्त होने की बात कही जा रही है। उन्होंने विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि विमान का ब्लैक बॉक्स अत्यधिक तापमान और भारी दबाव को सहने के लिए बनाया जाता है। उनका दावा था कि यदि ब्लैक बॉक्स को 1100 डिग्री सेल्सियस तापमान पर एक घंटे तक भी रखा जाए, तो उसे केवल मामूली नुकसान ही होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब आसपास के कागज तक सुरक्षित रहे, तो ब्लैक बॉक्स कैसे जल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लैक बॉक्स के जलने की बात लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी विस्फोट की स्थिति में उसका प्रभाव कुछ ही सेकंड तक रहता है, जिससे आसपास मौजूद हल्की चीजें पूरी तरह नष्ट नहीं होतीं। रोहित पवार के मुताबिक विमान के ढांचे में ब्लैक बॉक्स एक सुरक्षित हिस्से में रखा जाता है, इसलिए उसके पूरी तरह नष्ट होने की संभावना कम होती है। उन्होंने विमान में ईंधन की मात्रा को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि फ्लाइट में अपेक्षा से अधिक फ्यूल मौजूद था, जिससे हादसे के कारणों को लेकर संदेह और गहरा हो गया है।
गौरतलब है कि 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के बारामती में एक निजी लियरजेट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें अजीत पवार समेत पायलट सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही हादसे के कारणों को लेकर अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। अब रोहित पवार के आरोपों के बाद मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है और इस पर जांच की मांग तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन फिलहाल इस मुद्दे पर सियासत और बयानबाजी लगातार जारी है।
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