जट्ट-सिख बनाम दलित विवाद में उलझी पंजाब कांग्रेस, BJP ने मौके पर चन्नी को दिया ऑफर
पंजाब कांग्रेस के भीतर एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। इस बार विवाद जट्ट सिख बनाम दलित नेतृत्व को लेकर छिड़ा है, जिसने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के एक वायरल वीडियो के बाद यह मुद्दा और ज्यादा गर्मा गया है। वीडियो में चन्नी पार्टी में दलित समुदाय को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिलने की बात उठाते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व संतुलन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह वीडियो कांग्रेस की अनुसूचित जाति (एससी) शाखा की एक बैठक का बताया जा रहा है, जहां चन्नी ने दलितों की आबादी का हवाला देते हुए प्रतिनिधित्व की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि जब पंजाब में दलित आबादी 35 से 38 फीसदी के बीच है, तो पार्टी में उनके अनुपात में नेतृत्व क्यों नहीं है। चन्नी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर इसे जट्ट सिख बनाम दलित राजनीति के तौर पर देखा जाने लगा, जिससे कांग्रेस की परेशानी बढ़ गई।
हालांकि विवाद बढ़ने पर चन्नी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी जाति विशेष के खिलाफ बयान नहीं दिया और उन्हें जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उनका कहना था कि वह दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार का शिकार हुए हैं। बावजूद इसके, बैठक में दिए गए उनके भाषण के वीडियो सामने आने के बाद यह साफ हो गया कि पार्टी के भीतर नेतृत्व संरचना को लेकर असंतोष मौजूद है। वर्तमान में पंजाब कांग्रेस के प्रमुख पदों पर जाट सिख नेताओं का वर्चस्व है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा शामिल हैं।
मामला सामने आते ही कांग्रेस हाईकमान भी सतर्क हो गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 23 जनवरी को राज्यस्तरीय नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें इस पूरे विवाद पर चर्चा होने की संभावना है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह विवाद कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है, खासकर तब जब पार्टी पहले से ही संगठनात्मक कमजोरियों से जूझ रही है।
इस सियासी उठापटक के बीच भाजपा ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। भाजपा नेता केवल सिंह ढिल्लों ने खुलकर चन्नी को पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दलित प्रतिनिधित्व को लेकर चन्नी का रुख सराहनीय है और भाजपा में उन्हें सम्मान व हर समुदाय की सेवा करने का अवसर मिलेगा। कांग्रेस के भीतर बढ़ते इस विवाद ने भाजपा को पंजाब की राजनीति में नया मौका जरूर दे दिया है।
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