मेरठ में कपल से बदसलूकी करने वाली दरोगा लाइनहाजिर
मेरठ में सामने आए एक गंभीर और शर्मनाक मामले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के एक सार्वजनिक स्थान पर एक कपल के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप में एक महिला दरोगा को तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया गया है। आरोप है कि दरोगा ने न केवल अपने पद की मर्यादा को तोड़ा, बल्कि कपल को अपमानित करने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें खुलेआम धमकाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया और उच्च अधिकारियों को कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा।
घटना मेरठ के एक व्यस्त इलाके की बताई जा रही है, जहां पुलिस चेकिंग के दौरान संबंधित दरोगा ने एक युवक और युवती को रोका। आरोप है कि पूछताछ के नाम पर दरोगा ने कपल के साथ अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया और उन्हें सार्वजनिक रूप से नीचा दिखाने की कोशिश की। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया था, इसके बावजूद उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि दरोगा ने यूरिन कराने जैसी आपत्तिजनक धमकी दी, जिससे मौके पर मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए।
इस पूरे घटनाक्रम का किसी राहगीर ने वीडियो बना लिया, जो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों में आक्रोश फैल गया और पुलिस विभाग की छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ा। लोग सवाल उठाने लगे कि अगर कानून की रक्षा करने वाले ही इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा। मामले ने मानवाधिकार और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी फिर से चर्चा में ला दिया।
सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव और जनआक्रोश को देखते हुए मेरठ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए संबंधित दरोगा को लाइनहाजिर कर दिया गया है और विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून सभी के लिए समान है और वर्दी पहनने वाले किसी भी व्यक्ति को नागरिकों के सम्मान और अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे के भीतर भी आंतरिक समीक्षा की बात कही जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, पीड़ित कपल ने निष्पक्ष जांच और सख्त सजा की मांग की है, ताकि एक उदाहरण स्थापित हो और आम लोगों का पुलिस पर भरोसा बना रहे।
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