April 30, 2026

पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर रातभर चली गोलीबारी, दोनों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर बढ़ गया है। शुक्रवार देर रात चमन–स्पिन बोलदक सीमा क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच भारी गोलीबारी हुई। सीमावर्ती चौकियों पर लगातार घंटों फायरिंग चलती रही, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी तरह की जानमाल की हानि नहीं हुई है, लेकिन गोलीबारी ने पिछले दो महीनों से लागू नाज़ुक संघर्षविराम को गहरी चुनौती दे दी है। दोनों देशों ने फायरिंग की शुरुआत का दोष एक-दूसरे पर मढ़ा है।

 

घटना के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया कि फायरिंग की शुरुआत अफगानिस्तान की ओर से की गई। पाकिस्तान के चमन क्षेत्र में तैनात सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार अफगान सैनिकों ने अचानक से फायरिंग और ग्रेनेड हमले शुरू किए, जिसके बाद पाकिस्तानी बलों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। उधर अफगानिस्तान के काबुल स्थित तालिबान शासन के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पहले हमला पाकिस्तान की तरफ से किया गया था। अफगान पक्ष का कहना है कि उन्होंने सिर्फ आत्मरक्षा में जवाब दिया।

 

इस गोलीबारी ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास को और गहरा कर दिया है। दो महीने पहले कतर की मध्यस्थता में हुए संघर्षविराम ने सीमावर्ती इलाकों में कुछ हद तक शांति लौटाई थी। इससे पहले अक्टूबर में दोनों देशों के बीच हुई घातक झड़पों में कई सैनिकों और नागरिकों की मौत हो गई थी। इस्तांबुल में हुई शांति वार्ताओं से भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, जिसके कारण सीमा पर तनाव लगातार बना हुआ है। हालिया गोलीबारी ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली अभी भी दूर की बात है।

 

इस विवाद के पीछे सुरक्षा चिंताएँ भी एक बड़ी वजह हैं। पाकिस्तान लगातार पाकिस्तान तालिबान (TTP) को देश में हो रहे आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराता रहा है। उसका आरोप है कि 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद बड़ी संख्या में TTP लड़ाके अफगानिस्तान में शरण लिए हुए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान की मौजूदा सरकार इन आतंकियों पर कार्रवाई करने में नाकाम रही है, जिससे उसके लिए खतरे और बढ़ गए हैं। वहीं अफगानिस्तान का दावा है कि वह अपनी सीमा से किसी भी तरह की हिंसा को प्रोत्साहित नहीं करता।

 

सीमा पर हुई ये रातभर की गोलीबारी यह दर्शाती है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद नाज़ुक दौर से गुजर रहे हैं। युद्धविराम के बावजूद बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएँ संकेत देती हैं कि वास्तविक समाधान तभी संभव है जब दोनों पक्ष बातचीत को गंभीरता से आगे बढ़ाएँ और एक-दूसरे की सुरक्षा चिंताओं को समझते हुए कोई ठोस सहमति बनाएँ। फिलहाल, चमन–स्पिन बोलदक क्षेत्र में तनाव गहराया हुआ है और सीमा पर तैनात सैनिक चौकन्ने हैं।

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