क्रिप्टो मार्केट में भूचाल: 40 दिन में 37,000 डॉलर टूटा बिटकॉइन, 90,000 से फिसलकर नए न्यूनतम स्तर पर पहुँचा
डॉलर इंडेक्स की मजबूती और फेड की संभावित सख्ती से निवेशकों में घबराहट; विशेषज्ञ बोले—दाम 80,000 डॉलर से नीचे भी जा सकते हैं
दुनिया की सबसे लोकप्रिय और सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन एक बार फिर भारी गिरावट की चपेट में है। जहां साल 2025 की शुरुआत में बिटकॉइन ने निवेशकों को रिकॉर्ड-तोड़ रिटर्न देकर 90,000 डॉलर के ऊपर कारोबार किया था, वहीं अब महज 40 दिनों में इसकी चमक पूरी तरह फीकी पड़ गई है। 7 अक्टूबर के बाद से बिटकॉइन में लगभग 37,000 डॉलर की गिरावट आ चुकी है, जो इस साल निवेशकों के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। कई निवेशकों के पोर्टफोलियो जहां साल की शुरुआत में हरियाली दिखा रहे थे, वहीं अब वे भारी नुकसान में जा चुके हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार बिटकॉइन की इस तेज गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण डॉलर इंडेक्स की बढ़ती मजबूती है। इसके साथ ही दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कमजोर हो गई है, जिससे जोखिम वाले निवेशों से निवेशक पैसे निकाल रहे हैं। ऐसे हालात क्रिप्टो मार्केट पर सीधा प्रभाव डालते हैं, क्योंकि वोलैटिलिटी बढ़ते ही निवेशक पहले क्रिप्टो संपत्तियों से हाथ खींचते हैं। मार्केट विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा माहौल अगर ऐसे ही बना रहा, तो बिटकॉइन जल्द ही 80,000 डॉलर के नीचे फिसल सकता है।
मंगलवार को बिटकॉइन ने एक बार फिर बाजार में भारी उथल-पुथल मचा दी। CoinMarketCap के आंकड़ों के मुताबिक दोपहर करीब 12:50 बजे BTC कीमत 89,772 डॉलर पर ट्रेड कर रही थी, जो दिन के दौरान एक समय 89,300 डॉलर तक नीचे चली गई। यह एक साल से भी ज्यादा समय में बिटकॉइन का सबसे निचला स्तर है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटे में भी बिटकॉइन ने 95,900 डॉलर तक हल्की रिकवरी दिखाई थी, लेकिन घबराए बाजार ने तुरंत उसे नीचे खींच लिया।
पिछले 40 दिनों में बिटकॉइन ने जिस तेजी से 37,000 डॉलर खोए हैं, वह पूरे क्रिप्टो बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है। 7 अक्टूबर को बिटकॉइन ने 126,198 डॉलर का ऑल-टाइम हाई छू लिया था, और तब माना जा रहा था कि यह 130,000 डॉलर पार कर सकता है। लेकिन बाजार की स्थितियां ऐसी बदलीं कि बीते एक महीने में ही 16% से अधिक की गिरावट और सिर्फ एक हफ्ते में 14% की गिरावट देखने को मिल गई। ऐसे हालात में नए निवेशक मार्केट से बाहर निकल रहे हैं, जबकि अनुभवी निवेशक यह अंदाजा लगाने में लगे हैं कि असली रिकवरी कब आएगी।
बाजार में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या बिटकॉइन 80,000 डॉलर से नीचे जाएगा? ब्लूमबर्ग की नवीन रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों में डर है कि अगर इसकी कीमतें 85,000 डॉलर का स्तर तोड़ती हैं, तो यह सीधे 80,000 के नीचे लुढ़क सकता है। ऐसा होने पर बिटकॉइन अपनी ऑल-टाइम हाई से 36% से अधिक टूट जाएगा। विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट सिर्फ शुरुआत हो सकती है, क्योंकि क्रिप्टो मार्केट में अभी और दबाव बन सकता है।
कुल मिलाकर, बिटकॉइन का यह क्रैश क्रिप्टो दुनिया के लिए एक बड़ा अलर्ट है। अगला महीना निर्णायक होगा—या तो मार्केट स्थिर होगा, या फिर निवेशकों को एक और बड़ा झटका देखने को मिल सकता है।
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