May 1, 2026

गुफा में पाकिस्तान कर रहा है परमाणु परीक्षण? डोनाल्ड ट्रंप ने उगल दिया सच

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया की राजनीति में हलचल मचा देने वाला खुलासा किया है। ट्रंप ने दावा किया है कि पाकिस्तान गुप्त रूप से अपने परमाणु हथियारों के परीक्षण कर रहा है और वह रूस, चीन और नॉर्थ कोरिया जैसे देशों के साथ मिलकर यह गतिविधियां संचालित कर रहा है। ट्रंप के इस बयान से वैश्विक सुरक्षा और दक्षिण एशिया की स्थिरता को लेकर गंभीर चिंताएं उभर आई हैं। उन्होंने कहा कि जब ये सभी देश लगातार परमाणु टेस्ट कर रहे हैं तो अमेरिका पीछे क्यों रहे — अब अमेरिका भी अपनी परमाणु परीक्षण प्रक्रिया को फिर से शुरू करेगा।

 

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी चैनल CBS News के प्रसिद्ध कार्यक्रम 60 Minutes में रविवार को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि रूस और चीन जैसे देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, लेकिन वो इस पर खुलकर बात नहीं करते क्योंकि वहां प्रेस की आज़ादी नहीं है। उन्होंने कहा कि “हम एक खुला समाज हैं, इसलिए हम बात करते हैं, और हमें अब यह स्वीकार करना होगा कि यदि बाकी देश अपने हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं, तो अमेरिका को भी ऐसा करना चाहिए।” ट्रंप ने यह टिप्पणी तब की जब उनसे रूस द्वारा हाल ही में किए गए नए परमाणु परीक्षण और अमेरिका के 30 साल बाद फिर से टेस्टिंग शुरू करने के निर्णय पर सवाल पूछा गया।

 

ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका के पास दुनिया के सबसे अधिक परमाणु हथियार हैं और वह इस क्षेत्र में किसी भी देश से पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि “हमारे पास इतने परमाणु हथियार हैं कि हम दुनिया को 150 बार नष्ट कर सकते हैं।” उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से निरस्त्रीकरण (denuclearisation) पर बातचीत की है, लेकिन इसके बावजूद अन्य देशों की गतिविधियों को देखते हुए अब अमेरिका अपनी परीक्षण प्रक्रिया को फिर से सक्रिय करेगा। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि परीक्षण कब और कहाँ किया जाएगा।

 

इस बीच, रूस ने अमेरिका के साथ अपने Plutonium Disposal Agreement को औपचारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा कर दी है। यह समझौता उन हथियार-ग्रेड सामग्रियों के निपटान के लिए किया गया था जिन्हें सैन्य उपयोग में लाया जा सकता था। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा इस समझौते को समाप्त करने के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद अब यह संकेत और मजबूत हो गए हैं कि रूस भी परमाणु प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाने के मूड में है।

 

वहीं दूसरी ओर, अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने यह स्पष्ट किया है कि फिलहाल अमेरिका जिन परीक्षणों की बात कर रहा है, उनमें वास्तविक परमाणु विस्फोट शामिल नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में केवल सिस्टम और तकनीकी स्तर के परीक्षण किए जाएंगे, ताकि भविष्य में आवश्यक होने पर हथियारों की कार्यक्षमता को परखा जा सके। हालांकि, पाकिस्तान के परमाणु गतिविधियों में शामिल होने के ट्रंप के इस दावे ने एक बार फिर वैश्विक समुदाय को चौकन्ना कर दिया है और अब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस दिशा में ठोस प्रमाण जुटाने की कोशिश में हैं।

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