May 1, 2026

 ‘लाडकी बहिन योजना’ से अन्य योजनाओं पर असर, मंत्री भुजबल ने जताई चिंता

 ‘लाडकी बहिन योजना’ से अन्य योजनाओं पर असर, मंत्री भुजबल ने जताई चिंता

वित्तीय तंगी के चलते आनंदाचा सिद्धा और शिव भोजन थाली जैसी योजनाओं के संचालन पर खतरा, मंत्री ने कहा हालात बेहतर होने की संभावना कम

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के कारण अन्य सरकारी योजनाओं पर असर पड़ने की चिंता व्यक्त की गई है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा कि इस योजना के तहत होने वाला खर्च अन्य योजनाओं की क्रियान्वयन क्षमता को प्रभावित कर रहा है।

भुजबल के मुताबिक, लाडकी बहिन योजना पर राज्य सरकार लगभग 40–45 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को मुआवजा पैकेज के लिए भी धन आवंटित करना पड़ता है। इसी वजह से आनंदाचा सिद्धा योजना और शिव भोजन थाली जैसी योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस साल कई योजनाओं को लागू करना मुश्किल होगा।

मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी विभाग धन की कमी का सामना कर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों के पास 84,000 करोड़ रुपये का बकाया है। उन्होंने यह भी कहा कि ठेकेदार अपने काम शुरू करने से पहले बकाया राशि की मांग कर रहे हैं, जिससे वित्तीय संकट और बढ़ रहा है।

आनंदाचा सिद्धा योजना, जो 2022 में दीवाली पर शुरू हुई थी, भगवा राशन कार्ड वाले परिवारों को रियायती दर पर चार खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराती थी। हर साल लगभग 1.6 करोड़ लाभार्थियों को 500 करोड़ रुपये की लागत पर यह सुविधा दी जाती थी। वहीं शिव भोजन थाली जैसी योजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि भी पर्याप्त नहीं है, जिससे उनकी निरंतरता पर खतरा मंडरा रहा है।

भुजबल ने कहा कि हालात फिलहाल बेहतर नहीं होंगे और सभी विभाग वित्तीय तंगी की चुनौती से जूझ रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लाडकी बहिन योजना का उद्देश्य महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी लागत ने अन्य सामाजिक और पोषण योजनाओं पर दबाव बढ़ा दिया है। सरकार को इस स्थिति से निपटने के लिए रणनीति बनानी होगी ताकि सभी योजनाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

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