टाटा इन्वेस्टमेंट का पहला स्टॉक स्प्लिट, 1 शेयर बनेगा 10 हिस्सों में
रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर तय, छोटे निवेशकों के लिए बढ़ेगा निवेश का मौका
टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (TICL) ने शेयरधारकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। कंपनी अब अपने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर को 10 छोटे शेयरों में बांटेगी। यह कंपनी का पहला स्टॉक स्प्लिट होगा। इस प्रस्ताव को शेयरधारकों ने पोस्टल बैलट के जरिए मंजूरी दे दी है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 4 अगस्त 2025 को ही इसे मंजूरी दे दी थी। अब इसका रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर 2025 तय किया गया है। यानी इस तारीख के बाद निवेशकों के डिमैट अकाउंट में शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी।
स्टॉक स्प्लिट से कैसे होगा फायदा?
स्टॉक स्प्लिट का सीधा मतलब है—शेयरों की संख्या बढ़ना और प्रति शेयर कीमत घट जाना। इससे शेयर आम निवेशकों के लिए ज्यादा किफायती हो जाता है और मार्केट में उसकी लिक्विडिटी (खरीद-बिक्री की सुविधा) बढ़ जाती है। पहले टाटा इन्वेस्टमेंट के शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये थी, जिसे अब 1 रुपये कर दिया गया है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी निवेशक के पास पहले 100 शेयर थे, तो अब उसके पास 1000 शेयर हो जाएंगे। हालांकि निवेशक की कुल निवेश राशि में कोई बदलाव नहीं होगा।
कंपनी की मजबूत कमाई और मुनाफा
टाटा इन्वेस्टमेंट ने हाल के वर्षों में निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। वित्त वर्ष 2025 की जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 11.6% बढ़कर 146.3 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 131.07 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी का राजस्व भी बढ़कर 145.46 करोड़ रुपये हो गया है। मुनाफे में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से डिविडेंड इनकम बढ़ने से हुई है।
निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न
टाटा इन्वेस्टमेंट के शेयर बाजार प्रदर्शन पर नजर डालें तो कंपनी ने शानदार रिटर्न दिए हैं। पिछले एक साल में इसके शेयर की कीमत लगभग 5.5% बढ़ी है। वहीं, पिछले पांच सालों में निवेशकों को करीब 756% का जबरदस्त रिटर्न मिला है। आज (23 सितंबर) सुबह करीब 11 बजे एनएसई पर यह शेयर 7,345 रुपये के भाव पर 0.88% की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था। कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 37,160 करोड़ रुपये है।
क्या है टाटा इन्वेस्टमेंट का बिजनेस मॉडल?
टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तहत रजिस्टर्ड नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है। कंपनी में टाटा संस और टाटा ग्रुप की अन्य कंपनियों की करीब 73.38% हिस्सेदारी है। इसका मुख्य काम लंबी अवधि के लिए इक्विटी शेयरों और अन्य सिक्योरिटीज में निवेश करना है। कंपनी 1959 से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड है और निवेशकों को लगातार स्थिर रिटर्न देती आ रही है।
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