समाज में सकारात्मक चेतना जगाने का सबसे सशक्त साधन है सत्संग – डॉ. राकेश कुमार दूबे
सामाजिक समरसता के प्रेरणास्रोत डॉ. राकेश कुमार दूबे के नेतृत्व में चल रही साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत रविवार 21 सितंबर को नगर क्षेत्र के श्री राम जानकी मंदिर पंचायती ठाकुर, कानूनगोपुरा दक्षिणी बहराइच के प्रांगण में एक भव्य सत्संग का आयोजन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नगर व आसपास से भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सत्संग के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

इस कार्यक्रम में नगर के प्रबुद्धजनों और सम्मानित कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में सर्वश्री ओमप्रकाश पांडे, सत्यदेव गुप्ता, उमाकांत दुबे, अनंत राम पांडे, सदा शंकर श्रीवास्तव, सुशील कुमार सिंह एडवोकेट, भीष्माचार्य शुक्ला, बृजेंद्र कुमार पांडे, लक्ष्मी नारायण गुप्ता, किशोर कुमार सोनी, चंद्रशेखर पांडे, रमेश पांडे, मनोज कुमार श्रीवास्तव, उदय मल्होत्रा और दीपक मिश्रा जी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सत्संग में मातृशक्ति की उपस्थिति भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। इसमें श्रीमती पुष्पा देवी चौधरी, श्रीमती माया पांडे, श्रीमती कुसुम श्रीवास्तव, श्रीमती शशि दुबे, श्रीमती रजनी सक्सेना, श्रीमती रुचि मल्होत्रा, श्रीमती अर्चना जायसवाल और श्रीमती अनीता मिश्रा जैसी महिलाएं सम्मिलित हुईं। उनकी सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया।

पूरे आयोजन के दौरान सत्संग प्रेमी भक्तजन भक्ति रस में डूबे रहे। भजन, कीर्तन और प्रवचनों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक विचारों से ओतप्रोत हो गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से ईश्वर की भक्ति का अनुभव किया और एक-दूसरे के साथ मिलकर समाज में एकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक विचारधारा और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देना रहा। डॉ. राकेश कुमार दूबे ने अपने संबोधन में कहा कि सत्संग केवल धार्मिक आयोजन भर नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में जोड़ने और सांस्कृतिक चेतना को जाग्रत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन नगरवासियों को न केवल भक्ति की ओर प्रेरित करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और संस्कारों के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. दूबे ने यह भी कहा कि इस श्रृंखला के आयोजन आगे भी प्रत्येक सप्ताह जारी रहेंगे, ताकि नगर और समाज में सकारात्मक सोच, उत्साह और एकता का वातावरण और अधिक प्रगाढ़ हो सके।
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