April 17, 2026

गोल्ड प्राइस में रिकॉर्ड तेजी की उम्मीद

ग्लोबल टेंशन और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में सोने की कीमतें लगातार तेजी से बढ़ रही हैं। इसी बीच अमेरिकी इन्वेस्टमेंट कंपनी जेफरीज ने बड़ा अनुमान लगाया है। कंपनी के इक्विटी स्ट्रैटेजी के ग्लोबल हेड क्रिस वुड ने कहा है कि आने वाले समय में अमेरिका में सोना 6,600 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो भारतीय बाजार में सोने की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार जा सकती है।

अमेरिकी बाजार का असर भारत पर
फिलहाल अमेरिका में गोल्ड की कीमतें 3,600 डॉलर प्रति औंस के करीब बनी हुई हैं, जबकि इस हफ्ते सोने ने 3,700 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर भी छुआ। वहीं, भारत में स्पॉट मार्केट में सोना इस समय लगभग 1,11,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका में लॉन्ग-टर्म टारगेट 6,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचता है तो भारत में गोल्ड का भाव आसानी से 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम को पार कर सकता है।

क्रिस वुड की गणना का आधार
क्रिस वुड ने गोल्ड प्राइस टारगेट तय करने के लिए ऐतिहासिक आंकड़े और अमेरिकी प्रति व्यक्ति आय को आधार बनाया है। उन्होंने बताया कि 1980 में जब सोना 850 डॉलर प्रति औंस पर था, तब अमेरिकी प्रति व्यक्ति आय का 9.9% हिस्सा गोल्ड की कीमत थी। 1980 से अब तक आय में औसतन 6.3% सालाना वृद्धि हुई है, जिसके हिसाब से सोने का टारगेट धीरे-धीरे बढ़ता गया। यही कारण है कि उनका अनुमान है कि मौजूदा बुल मार्केट में गोल्ड का नया टारगेट 6,600 डॉलर प्रति औंस है।

पहले के टारगेट और मौजूदा अनुमान
वुड ने पहली बार 2002 में गोल्ड के लिए 3,400 डॉलर का टारगेट तय किया था। यह स्तर 23 साल बाद अब जाकर हासिल हुआ है। इसके बाद मार्च 2016 में उन्होंने 4,200 डॉलर का टारगेट दिया, अगस्त 2020 में 5,500 डॉलर का और अब सितंबर 2025 में उन्होंने 6,600 डॉलर का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। उनका कहना है कि अगर मौद्रिक नीतियों का रुख इसी तरह बना रहा तो यह टारगेट समय से पहले भी हासिल हो सकता है।

गोल्ड और निवेश रणनीति
जेफरीज की ग्रीड एंड फियर रिपोर्ट के मुताबिक, 2002 से ही ग्लोबल पेंशन फंड पोर्टफोलियो में गोल्ड को बड़ी हिस्सेदारी दी गई है। 2020 तक इस पोर्टफोलियो में गोल्ड का वेटेज 50% था, जिसे बाद में घटाकर बिटकॉइन में निवेश किया गया। इसके बावजूद गोल्ड को अब भी लंबी अवधि के लिए सुरक्षित और स्थिर निवेश का विकल्प माना जा रहा है।

भारतीय निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिकी बाजार में सोने की कीमतें ऊपर जाती हैं तो भारतीय निवेशकों को भी बड़ा फायदा हो सकता है। हालांकि, इतनी ऊंची कीमतों तक पहुंचने में समय लग सकता है। इसके बावजूद, मौजूदा हालात को देखते हुए सोने की मांग और कीमत दोनों में मजबूती बनी रहने की उम्मीद है।

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