निवेश सारथी पोर्टल पर मिले 659 प्रस्ताव, वस्त्र क्षेत्र से 22 लाख लोगों को रोजगार
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश पारंपरिक हथकरघा और वस्त्र धरोहर वाला राज्य है। अगर इसकी क्षमता का सही उपयोग किया जाए तो प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सकती है। उन्होंने बताया कि 2030 तक वैश्विक वस्त्र बाजार 2.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है और भारत 8 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ इसमें तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में विभिन्न जिलों में वस्त्र और परिधान पार्क स्थापित होंगे। इस योजना को संत कबीर के नाम पर समर्पित किया जाएगा, जिसमें निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और परंपरा व आधुनिकता का संतुलन बनेगा।
बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश से 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ, जो देश के कुल निर्यात का 9.6 प्रतिशत है। राज्य में लगभग 22 लाख लोग इस क्षेत्र से प्रत्यक्ष रोजगार पा रहे हैं और जीडीपी में इसका योगदान 1.5 प्रतिशत है।
निवेश सारथी पोर्टल पर अब तक 659 प्रस्ताव मिले हैं। लगभग 15,431 करोड़ रुपये के निवेश से 1 लाख से अधिक रोजगार बनने की संभावना है। प्रत्येक पार्क कम से कम 50 एकड़ में बनेगा और इसमें ज़रूरी प्रसंस्करण संयंत्र और सहायक इकाइयाँ स्थापित होंगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेश प्रस्तावों को तेज़ी से लागू किया जाए और पीपीपी मॉडल के तहत समयबद्ध सुविधाएं दी जाएं। सरकार पार्कों तक सड़क, बिजली और पानी जैसी आधारभूत सुविधाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराएगी।
साथ ही, पॉवरलूम बुनकरों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के लिए संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पॉवरलूम को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
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