April 17, 2026

150 रुपए में लोकेशन, 600 में फोन टैप… पाकिस्तान में मंत्रियों की प्राइवेसी औने-पौने दाम पर बिक रही

पाकिस्तान में डेटा सुरक्षा और निजता पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यहां मंत्रियों, अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के फोन रिकॉर्ड्स और लोकेशन बेहद सस्ते दामों में बेचे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि केवल 150 भारतीय रुपये (करीब 500 पाकिस्तानी रुपये) में किसी भी मंत्री या अधिकारी की लोकेशन खरीदी जा सकती है। वहीं, फोन टैप और कॉल रिकॉर्डिंग का डेटा भी मात्र 600 रुपये (करीब 2000 पाकिस्तानी रुपये) में उपलब्ध कराया जा रहा है। इस खुलासे ने पाकिस्तान की राजनीति में हलचल मचा दी है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 10 हजार से अधिक प्रभावशाली लोगों के फोन रिकॉर्ड्स किए जा चुके हैं। इसमें सरकार के मंत्री, विपक्ष के नेता और बड़े अधिकारी शामिल हैं। पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियां लंबे समय से फोन टैपिंग का आरोप लगाती रही हैं, लेकिन इस रिपोर्ट ने इन आरोपों को और मजबूत कर दिया है। खास बात यह है कि विदेश यात्रा के दौरान भी मंत्रियों और नेताओं के फोन आसानी से टैप किए जा रहे हैं, जिसके लिए लगभग 1000 रुपये (3000 पाकिस्तानी रुपये) वसूले जा रहे हैं। यह मामला सिर्फ निजता का उल्लंघन ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा माना जा रहा है।

 

एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट बताती है कि डेटा लीक और फोन टैपिंग चार अलग-अलग तरीकों से की जा रही है। सबसे पहले नागरिकों द्वारा खरीदे जाने वाले सिम कार्ड तुरंत वेबसाइट्स के जरिए संदिग्धों के नियंत्रण में पहुंच जाते हैं। इसके जरिए यूजर की लोकेशन लगातार ट्रैक होती रहती है। इसके अलावा, सिम कार्ड खरीदते समय दिए गए प्रूफ भी बेचे जा रहे हैं। फोन कॉल्स को टैप कर उनकी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई जा रही है और यहां तक कि निजी बातचीत तक कौड़ी के भाव बिक रही है। इस खुलासे ने पाकिस्तान के डिजिटल ढांचे और प्राइवेसी कानूनों की पोल खोल दी है।

 

मिनट मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, कई संदिग्ध वेबसाइट्स इन डेटा की बिक्री में शामिल हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने 2023 में ही टेलीकॉम विभाग को इस बारे में आगाह किया था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। नतीजा यह है कि आज नेताओं और मंत्रियों तक की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक हो रही है। यह न केवल राजनीतिक हस्तियों की प्राइवेसी पर हमला है, बल्कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही का भी बड़ा सबूत है।

 

इस बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसीन नकवी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इस पर तुरंत कार्रवाई होगी। नकवी ने बताया कि सरकार ने 14 सदस्यों की एक विशेष कमेटी का गठन किया है, जो पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी। उसके बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सवाल यह है कि जब वर्षों पहले इस खतरे को लेकर चेतावनी दी गई थी, तब कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अब देखना यह होगा कि क्या यह जांच सिर्फ औपचारिकता साबित होगी या वाकई पाकिस्तान में डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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