लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर दिसंबर से फर्राटा भरेंगी गाड़ियां, सिर्फ एक घंटे में पूरी होगी यात्रा
उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहर लखनऊ और कानपुर के बीच बन रहा एक्सप्रेसवे जल्द ही लोगों की यात्रा को आसान बनाने जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने जानकारी दी है कि यह एक्सप्रेसवे आगामी 15 दिसंबर तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। रक्षा मंत्री के सलाहकार की ओर से इस प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसके बाद एनएचएआई ने बताया कि कुछ अधूरे कार्य बचे हैं जिन्हें दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ट्रायल रन किया जाएगा और दिसंबर के आखिर या जनवरी की शुरुआत से इस पर गाड़ियां दौड़ना शुरू हो जाएंगी।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद लखनऊ से कानपुर तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा। जहां अभी ट्रैफिक जाम और लंबा समय यात्रा में लगता है, वहीं एक्सप्रेसवे के बाद यह दूरी सिर्फ एक घंटे में पूरी की जा सकेगी। यह प्रोजेक्ट नेशनल हाइवे 27 पर बनाया जा रहा है और इसकी कुल लंबाई 63 किलोमीटर होगी। इस पर लगभग 4700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इसके शुरू होने से दोनों शहरों के बीच व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
फिलहाल यह एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा, लेकिन भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसे आठ लेन तक भी विस्तार दिया जा सकेगा। एक्सप्रेसवे की डिजाइन ऐसी है कि इसमें कहीं से भी गाड़ियों का प्रवेश संभव नहीं होगा, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और यात्रा और भी सुरक्षित होगी। वहीं, अयोध्या रोड पर बीबीडी के सामने ट्रैफिक और ब्लैक स्पॉट की समस्या से निपटने के लिए दो मोटरेबल अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इन अंडरपास से पैदल यात्री और छोटी गाड़ियां आसानी से आ-जा सकेंगी।
एनएचएआई ने बताया है कि एक्सप्रेसवे के ज्यादातर हिस्सों का काम पूरा हो चुका है और अब अंतिम चरण में तेजी से काम चल रहा है। लखनऊ सीमा में स्कूटर इंडिया के पास बिजली विभाग की लो टेंशन लाइन को हटाना बाकी है, जिसका काम 14 सितंबर से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कुछ पैच में भी अंतिम फिनिशिंग का कार्य बाकी है। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि तय समय सीमा में सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण न केवल दोनों शहरों के लोगों के लिए सुविधाजनक यात्रा का साधन बनेगा, बल्कि यह प्रदेश के बुनियादी ढांचे को भी नई मजबूती देगा। औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ यह सड़क संपर्क को बेहतर बनाएगा। दिसंबर के अंत तक जब यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से तैयार होकर चालू होगा, तब प्रदेशवासियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
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