May 1, 2026

लखनऊ: राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह में राष्ट्रपति होंगी मुख्य अतिथि

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब एक और ऐतिहासिक अवसर सामने आने वाला है। 25 नवंबर को रामनवमी के पावन दिन ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसकी मुख्य अतिथि स्वयं भारत की राष्ट्रपति होंगी। यह आयोजन अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11 बजे होगा, जिसमें विशेष ध्वज पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। इस मौके को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं।

समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत की उपस्थिति भी रहेगी। आयोजन समिति के अनुसार, यह ध्वजारोहण सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि यह देशभर के राम भक्तों के लिए आस्था और गौरव का प्रतीक होगा। राष्ट्रपति की मौजूदगी से इस कार्यक्रम को और भी विशेष महत्व मिलने जा रहा है।

ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाने की योजना बनाई गई है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने उच्च स्तरीय इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और अतिथियों के पहुंचने की संभावना है, जिसके चलते यातायात और व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि अयोध्या आने वाले भक्तों और मेहमानों को किसी तरह की असुविधा न हो।

आयोजन समिति के मुताबिक, इस भव्य समारोह में देशभर से करीब 5 हजार से अधिक अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा। इनमें संत-समाज, राजनीतिक हस्तियां, सांस्कृतिक जगत से जुड़ी हस्तियां और प्रमुख उद्योगपति भी शामिल होंगे। यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सांस्कृतिक एकता और भारतीय परंपरा का उत्सव भी होगा।

राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या देश और दुनिया का बड़ा तीर्थ स्थल बन चुका है। लाखों की संख्या में हर महीने श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ध्वजारोहण समारोह मंदिर के धार्मिक महत्व को और भी ऊंचा करेगा। यह आयोजन अयोध्या की पहचान को और मजबूत बनाएगा और इसे सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!