लखनऊ: घूसखोरी में नारकोटिक्स के दो इंस्पेक्टर समेत तीन गिरफ्तार, CBI की बड़ी कार्रवाई
लखनऊ में रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) के दो इंस्पेक्टरों और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि इन अधिकारियों ने एक निजी नर्सिंग होम के मालिक को प्रतिबंधित दवा बेचने के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम की रिश्वत मांगी थी। यह मामला राजधानी में चर्चा का विषय बन गया है।
CBI ने जिन दो अधिकारियों को पकड़ा है, उनके नाम महिपाल सिंह और रवि रंजन बताए गए हैं। जांच एजेंसी ने जानकारी दी कि दोनों ने लखनऊ के देवा नर्सिंग होम के मालिक गयासुद्दीन अहमद से 10 लाख रुपए की रिश्वत ली। बताया जा रहा है कि यह रकम उस समय मांगी गई जब इंस्पेक्टर महिपाल सिंह ने एक अन्य व्यक्ति रोशन लाल को ‘कोडीन सिरप’ बेचने के आरोप में पकड़ा था। इसी मामले में गयासुद्दीन को भी फंसाने की धमकी दी गई और पैसे वसूले गए।
CBI की टीम ने न केवल इंस्पेक्टरों को गिरफ्तार किया बल्कि गयासुद्दीन अहमद और सुनील जायसवाल के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस घूसखोरी कांड में शामिल अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भी तलाश की जा रही है। जांच के दौरान बरामद हुए 10 लाख रुपए अब सबूत के तौर पर जब्त कर लिए गए हैं।
इस घटना ने सरकारी तंत्र और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नारकोटिक्स जैसे अहम विभाग में बैठे अधिकारी जब इस तरह भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं, तो आम लोगों का भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है। अब CBI की आगे की जांच से यह साफ होगा कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था।
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