May 1, 2026

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से तबाही, मंडी में नदी-नाले उफान पर

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं। कई जिलों में नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। मंडी, किन्नौर और डोडा जैसे इलाकों में भारी बारिश के बीच बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। वहीं, ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से एक खौफनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बड़ा ट्रेलर ट्रक तेज बहाव में बह गया। इस हादसे के बाद से चालक लापता है और स्थानीय प्रशासन उसकी तलाश कर रहा है। इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि इस बार का मानसून पहाड़ी और मैदानी इलाकों दोनों के लिए तबाही लेकर आया है।

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में पानवी नाले में बादल फटने से अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। इस आपदा की वजह से सतलुज नदी का रुख बदल गया और उसका जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। इससे आसपास के निचले क्षेत्रों में खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। लोगों को आशंका है कि पानी उनके घरों और खेतों तक पहुंच सकता है। वहीं, मंडी जिले में सुकेती खड्ड ने पहली बार इस मानसून में अपना रौद्र रूप दिखाया और बल्ह घाटी को पूरी तरह पानी में डुबो दिया। गुटकर में भी खड्ड का पानी सड़कों पर भर गया, यहां तक कि अस्पताल के सामने खड़ी गाड़ियां तक डूब गईं।

सोमवार की रात को ब्यास नदी का जलस्तर अचानक इतना बढ़ गया कि पानी चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे तक पहुंच गया। कई जगह सड़कें दरिया जैसी दिखने लगीं। वहां खड़ी कारें और अन्य वाहन बाढ़ में बहने लगे। स्थानीय लोगों ने रस्सियों की मदद से गाड़ियों को बांधकर किसी तरह बचाने की कोशिश की। मजबूरी में प्रशासन को पंडोह से आगे नेशनल हाईवे को बंद करना पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा लूणापानी इलाके में सड़क पर पानी इस तरह बहता दिखा जैसे कोई नदी बह रही हो।

लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की संभावना को देखते हुए मंडी जिले के गोहर उपमंडल में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। यहां 5 और 6 अगस्त को सभी शीतकालीन स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसे हालात में स्कूल भेजना खतरनाक हो सकता है। एसडीएम गोहर ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत यह आदेश जारी किए हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि पढ़ाई से जुड़े और अन्य सभी कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद उपलब्ध कराई जा सके।

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लिए पांच अगस्त तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बीते 12 घंटों में मंडी जिले में 151.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सुंदरनगर, हमीरपुर, पालमपुर और करसोग जैसे इलाकों में भी भारी बारिश हुई है। इससे कई जगहों पर भूस्खलन हुआ और सड़कें अवरुद्ध हो गईं। मंडी–कुल्लू, करसोग–रामपुर और जोगिंद्रनगर–धर्मपुर सहित कई प्रमुख मार्ग बाधित हो चुके हैं। इससे यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों को अपनी यात्रा बीच में रोकनी पड़ रही है।

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भी बादल फटने से तबाही मच गई है। अचानक आए सैलाब ने लोगों के घरों और खेतों को नुकसान पहुंचाया है। पानी के तेज बहाव से कई इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। दूसरी तरफ, ओडिशा में बाढ़ का कहर अलग ही त्रासदी बन गया है। सुंदरगढ़ जिले में बाढ़ के पानी में एक ट्रक बह गया और उसका चालक अब तक लापता है। इन घटनाओं ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रकृति का प्रकोप इंसानी जिंदगियों और संपत्ति पर कितना भारी पड़ सकता है।

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