May 25, 2026

ऋषभ पंत और पिज्जा की दिलचस्प कहानी, जिम से जुड़ी दी बड़ी सलाह

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत इन दिनों क्रिकेट मैदान से दूर हैं। एशिया कप 2025 के लिए उनका चयन नहीं हुआ क्योंकि इंग्लैंड दौरे के दौरान टेस्ट सीरीज में उन्हें गंभीर चोट लगी थी। पंत का पैर टूटने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह रिकवरी तक आराम करने की सलाह दी। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज से उनकी वापसी संभव है। मगर इस समय चर्चा उनकी फिटनेस या वापसी को लेकर नहीं, बल्कि उनके पिज्जा और जिम से जुड़े विचारों पर है, जो युवाओं के लिए बड़ी सीख हैं।

दरअसल, ऋषभ पंत ने हाल ही में एक दिलचस्प बात साझा की कि उन्होंने पिज्जा खाने से दूरी बना ली है। उन्होंने इसका कारण भी बताया। पंत के अनुसार, जब भी कोई व्यक्ति पिज्जा खाता है, तो उसमें मौजूद कैलोरी को बर्न करने के लिए करीब दो घंटे जिम में पसीना बहाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिज्जा न खाकर वह सीधे दो घंटे बचा लेते हैं, जिन्हें वह कहीं और उपयोग कर सकते हैं। पंत का कहना है कि फिटनेस के लिए सेल्फ-कंट्रोल बेहद जरूरी है और छोटी-सी लापरवाही को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

यह विचार पंत के फिटनेस के प्रति गंभीर रवैये को दिखाता है। चोट के बाद वह खुद को फिर से मैदान पर वापसी के लिए तैयार कर रहे हैं और इसके लिए खाने-पीने की आदतों पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। पिज्जा जैसी चीजों को छोड़ना आसान नहीं होता, लेकिन पंत का कहना है कि जब वह सोचते हैं कि केवल एक पिज्जा के कारण उन्हें जिम में दो घंटे एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ेगी, तो वह इसे खाने से तौबा कर लेते हैं। यह सोच उनकी अनुशासित जीवनशैली और मेहनत को उजागर करती है।

इंग्लैंड दौरे की बात करें तो इंजरी से पहले पंत का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में से 4 टेस्ट खेले और सात पारियों में 479 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 68.42 रहा और उन्होंने 2 शतक व 3 अर्धशतक जड़े। एक मैच कम खेलने के बावजूद वह भारत के लिए चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे और कुल मिलाकर पूरी सीरीज के छठे सबसे सफल बल्लेबाज रहे।

स्पष्ट है कि ऋषभ पंत की फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण ही उन्हें खास बनाता है। उनकी पिज्जा वाली यह कहानी मजाकिया जरूर लगती है, लेकिन इसके पीछे छिपा संदेश गंभीर है। यह दिखाता है कि शीर्ष स्तर का खिलाड़ी बनने के लिए न सिर्फ मैदान पर कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, बल्कि खाने-पीने की छोटी-सी आदतों में भी अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है। पंत की यह सोच न सिर्फ क्रिकेट प्रेमियों बल्कि हर उस युवा के लिए प्रेरणादायक है जो फिटनेस को अपनी प्राथमिकता बनाना चाहता है।

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