कब्रिस्तान के ऊपर बने पीएम आवास के फ्लैट, घरों के बाहर कब्र और मजार से परेशान लोग
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। बहुचर्चित बसंत कुंज योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना में बनाए गए फ्लैट कब्रिस्तान की जमीन पर खड़े कर दिए गए। हालात यह हैं कि जिन लोगों को यहां फ्लैट आवंटित किए गए हैं, उनके घरों के ठीक बाहर आज भी कब्र और मजार मौजूद हैं। स्थानीय लोग पिछले काफी समय से इसे हटाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
फ्लैट धारक जितेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें दो साल पहले इस योजना में आवास आवंटित किया गया था। जब वे परिवार के साथ यहां रहने पहुंचे, तो घर के सामने ही तीन मजारें दिखाई दीं। इस नजारे को देखकर उनका परिवार दहशत में आ गया और घर में रहने से इनकार कर दिया। तब से वे लगातार LDA के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन मजारों को हटाने का समाधान आज तक नहीं निकला।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां करीब 2.5 से 3 हजार लोग रहते हैं। बसंत कुंज योजना के सेक्टर N के पॉकेट D में स्थित इन फ्लैटों का आकार 330 स्क्वायर फीट है और इन्हें 4.5 से 5 लाख रुपये में खरीदा गया है। लोगों का कहना है कि खुद का मकान होने के बावजूद उन्हें किराए पर रहना पड़ रहा है, क्योंकि उनके छोटे बच्चे मजारों को देखकर डर जाते हैं।
बच्चों और महिलाओं के लिए यह माहौल और भी भयावह हो गया है। लोगों का कहना है कि बच्चे वहां खेलने से कतराते हैं और रात में तो रास्ते से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। अफवाहें यह भी हैं कि इलाके में “भूत-प्रेत” का डर है, जिससे लोग और ज्यादा दहशत में रहते हैं।
निवासियों का आरोप है कि अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई है। हर बार उन्हें मजार हटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले ने न केवल लोगों को परेशानी में डाला है, बल्कि LDA की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर बिना जमीन की पूरी जांच किए आवास कैसे आवंटित किए गए।
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